भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। खाद की बढ़ी कीमतों की मार से मध्य प्रदेश के किसान बच गए। ऐसा हुआ प्रदेश की शिवराज सरकार की समझदारी से। खाद की जनवरी-फरवरी मेें ही खरीदी कर सरकार ने किसानों के करीब 150 करोड़ रुपये बचा लिए हैं। दरअसल, तीन महीने पहले सरकार ने 12 सौ रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद खरीदी थी, जो अब 19 सौ रुपये प्रति बोरी मिल रही है। किसानों के लिये राहत की बात यह है कि पुरानी खाद किसानों को पुराने दाम पर ही बेची जा रही है।

दरअसल कीमत बढ़ने की आशंका के चलते ही मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) ने करीब एक लाख 10 हजार मीट्रिक टन खाद का अग्रिम भंडारण कर लिया था। इसमें एक लाख मीट्रिक टन डीएपी और 10 हजार मीट्रिक टन एनपीके खाद है। इसे किसानों को पुराने दाम 12 सौ रुपये प्रति बोरी पर ही बेचा जा रहा है। इससे किसानों को 150 करोड़ रुपए की बचत हो रही है।

मार्कफेड प्रबंधन ने व्यवस्था की है कि किसानों को आधी खाद पुरानी कीमतों की और आधी खाद नई कीमतों की दी जाए। अधिकारियों ने किसानों से कहा है कि जिन किसानों को आधी खाद पुरानी कीमत में नहीं मिल रही है, वह इसकी शिकायत कर सकते हैं। सभी सहकारी समितियों को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि वे आधी-आधी खाद नई और पुरानी कीमत पर किसानों को उपलब्ध कराएं।

इनका कहना

अंतरराष्ट्रीय बाजार को देखते हुए हमें संभावना लग रही थी कि आगामी फसल से पहले खाद की कीमतों में अभूतपूर्व तेजी आ सकती है। इसे देखते हुए ही मार्कफेड ने पहले ही खाद की खरीदी कर ली थी। इसे हम पुरानी कीमत में ही किसानों को दे रहे हैं।

- मृदुल पाठक, जीएम (फर्टिलाइजर), मार्कफेड

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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