- नगरीय विकास एवं आवास विभाग का फैसला

- अन्य निर्माण एजेसियों को प्रोजेक्ट सौंपने की क्षेत्रीय विधायक गौर व कांग्रेसियों ने की थी मांग

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी की खस्ता हाल आदर्श मार्ग जेके रोड के निर्माण का विवाद अब सुलझ गया है। प्रोजेक्ट का निर्माण अब नगर निगम ही करेगा। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेसी नेताओं व क्षेत्रीय विधायक कृष्णा गौर ने आठ सालों से अधूरे इस प्रोजेक्ट का जिम्मा राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) को सौपने का प्रस्ताव दिया था। उधर, नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रोजेक्ट पर पहले से ही काम कर रहे नगर निगम पर ही विश्वास जताया है।

बीते मार्च क्षेत्रीय विधायक कृष्णा गौर ने मामले पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह से मुलाकात की थी। साथ ही सालों से बदहाल इस सड़क की स्थिति से अवगत कराया था। गौर ने इसके निर्माण के लिए निगम के स्थान पर राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की थी। कांग्रेसी पार्षद गिरीश शर्मा ने इसकी बदहाली का कारण भाजपा की अंदरूनी राजनीति को बताया है। शर्मा ने भी पीडब्ल्यूडी या सीपीए को प्रोजेक्ट सौंपने बात कही।

19 करोड़ खर्च पर प्रोजेक्ट अधूरा

साल 2011 में भूमिपूजन के बाद साल 2012 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। सड़क निर्माण के लिए सात साल में 12 करोड़ 2 लाख खर्च किए। वहीं ड्रेनेज, सौदर्यींकरण और रखरखाव के नाम पर 7 करोड़ 32 हजार रुपए खर्च किए। सीएम इंफ्रा कि मद से साल 2013 में दो किस्तों में कुल 3 करोड़ 20 लाख रुपए की राशि भी मिली थी। अब फिर 90 लाख खर्च किए जा रहे हैं। इसमें 60 पार्षद निधि व 30 लाख सीएम इंफ्रा की मद से स्वीकृत किए गए हैं। बीते आठ सालों में 19 लाख 2 लाख 34 हजार रूपए अब तक खर्च किए जा चुके हैं।

राजनीति का शिकार हुई जेके रोड

जब इस सड़क को आदर्श मार्ग के लिए चुना गया तब गोविंदपुरा से विधायक व तत्कालीन नगरीय प्रशासन मंत्री बाबूलाल गौर थे। तब इनकी बहू कृष्णा गौर महापौर थी जो अब इसी सीट से विधायक हैं। इनके बाद आलोक शर्मा महापौर बने। विधानसभा टिकट वितरण के समय शर्मा गोविंदपुरा सीट से अपनी दावेदारी भी पेश कर रहे थे। गौर और शर्मा एक-दूसरे के प्रति कई बार विरोधाभाषी बयानों को लेकर अकसर चर्चा में रहे। लिहाजा आलोक शर्मा के महापौर बनते ही प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी होती चली गई। विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही सुधार कार्य के लिए भूमिपूजन किया गया। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इसे मुद्दा भी बनाया था।

निर्माण कार्य में हुई थी खामियां

आदर्श मार्ग में अधिकारियों ने पहले सौदर्यीकरण कर दिया साथ ही पेविंग ब्लॉक भी लगा दिए गए। फिर सड़क का निर्माण किया गया। जबकि सिविल वर्क में सबसे पहले सड़क का निर्माण कराया जाता है। इसके बाद ही सौंदर्यीकरण का काम होता है। नुकसान यह हुआ 60 लाख की लागत से सड़क के दोनों ओर लगाए गए पेविंग ब्लॉक मिट्टी में दफन हो गए। ड्रेनेज पर भी काम नहीं किया गया। रोड निर्माण के बाद ड्रेनेज पर काम किया। लिहाजा सड़क और बर्बाद हो गई। वहीं 1 करोड़ 60 लाख की लागत से किया गया सौंदर्यीकरण भी बर्बाद हो गया। इतना ही नहीं बल्कि बड़े प्रोजेक्ट के लिए एक ही टेंडर के लिहाज से काम होना था लेकिन निर्माण कार्य में पांच से ज्यादा टेंडर किए गए।

वर्जन-

कांग्रेसियों की मंशा थी कि जेके रोड को अन्य निर्माण एजेसियों के हवाले कर दिया जाए। अब शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निगम ही इसका निर्माण करेगा। निगम द्वारा आदर्श मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

- आलोक शर्मा, महापौर