- भोपाल होकर इंदौर-हावड़ा के बीच चलने वाली शिप्रा एक्सप्रेस का मामला

- अप्रैल 2018 में रेलमंत्री पीयूष गोयल ने की थी ट्रेन को रोज चलाने व पेंट्रीकार लगाने की घोषणा

- अभी सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही चलती है ट्रेन

- रेलमंत्री की घोषणा पर अमल होता तो हावड़ा, इंदौर, भोपाल के बीच यात्रियों को होती सहूलियत

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

रेलमंत्री पीयूष गोयल भोपाल के रास्ते इंदौर-हावड़ा के बीच चलने वाली शिप्रा एक्सप्रेस को रोज चलाना चाहते हैं, लेकिन इस ट्रेन को इलाहाबाद मंडल में रेलवे ट्रैक खाली नहीं मिल रहा है। उक्त मंडल में ट्रेनों का अधिक दबाव होने के कारण यह स्थिति है। इसके कारण यह ट्रेन रोज नहीं चल पा रही है। रेलमंत्री ने 17 अप्रैल 2018 को विधानसभा परिसर में आयोजित 63वें राष्ट्रीय रेल सप्ताह पुरस्कार समारोह में उक्त ट्रेन को 15 अगस्त 2018 से रोज चलाने व खानपान सुविधा के लिए पेंट्रीकार लगाने की घोषणा की थी। 15 अगस्त 2019 के गुजर जाने के बाद भी ट्रेन रोज नहीं चल पा रही है। ट्रेन रोज चली तो भोपाल, इंदौर, कोलकाता के बीच सफर में यात्रियों को सहूलियत होगी। इन शहरों के बीच रेडीमेड कपड़ों के व्यापार को भी गति मिलेगी।

अभी सप्ताह में इंदौर-हावड़ा शिप्रा एक्सप्रेस (22911) तीन दिन मंगलवार, गुरुवार व शनिवार को इंदौर से रात 11.30 बजे हावड़ा के लिए चलती है। वहीं, हावड़ा-इंदौर शिप्रा एक्सप्रेस (22912) सोमवार, गुरुवार व शनिवार हावड़ा से शाम 5.46 बजे इंदौर के लिए चलती है। दोनों दिशाओं में यह भोपाल स्टेशन से होकर गुजरती हैं।

- इंदौर-भोपाल में दिक्कत नहीं, इलाहाबाद मंडल में खाली नहीं मिल रहा ट्रैक

रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि उक्त ट्रेन को रोजाना चलाने में सबसे बड़ी दिक्कत ट्रैक का खाली नहीं मिल पाना है। यह ट्रैक इलाहाबाद मंडल में खाली नहीं मिल रहा है। पहले से ही मंडल में ट्रेनों का अधिक दबाव है। वहीं, इलाहाबाद मंडल के मानिकपुर स्टेशन से शिप्रा एक्सप्रेस के समय पर ही हावड़ा तक ग्वालियर-हावड़ा एक्सप्रेस चलती है, इसके कारण रेलमंत्री की घोषणा को पूरा कर पाने में दिक्कत आ रही है। रतलाम व भोपाल रेल मंडल में ट्रेन को सभी दिन चलाने में कोई दिक्कत नहीं है।

- पुराने डिजाइन की पेंट्रीकार भी नहीं मिल रही

रेलमंत्री ने उक्त ट्रेन को रोजाना चलाने के साथ ही उसमें सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए पेंट्रीकार कोच लगाने की घोषणा की थी। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि शिप्रा एक्सप्रेस पुराने डिजाइन के कोच से चल रही है, उसमें पेंट्रीकार भी पुराने डिजाइन की ही चाहिए, जो नहीं मिल रही है, क्योंकि पुराने कोच ही बनने बंद हो गए हैं। जल्द ही उक्त ट्रेन में एलएचबी (जर्मन कंपनी लिंक हॉफमैन बुश के सहयोग से तैयार आधुनिक कोच) कोच लगने वाले हैं, उसके साथ ही पेंट्रीकार लगाई जाएगी।

- शिप्रा का रोज चलना इसलिए भी जरूरी

इंदौर, भोपाल से गया, इलाहाबाद जैसे तीर्थ स्थलों के लिए जाने के लिए श्रद्धालुओं को परेशान होना पड़ता है। वहीं, कोलकाता और इंदौर के बीच रेडीमेड कपड़े का व्यापार भी होता है, लेकिन व्यापारियों के लिए आवागमन की नियमित सुविधा नहीं है। इसके कारण वे परेशान होते हैं। यदि शिप्रा एक्सप्रेस रोज चली तो ये सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।

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- ट्रैक खाली नहीं

हमारी तरफ से शिप्रा एक्सप्रेस को रोज चलाने में कोई दिक्कत नहीं है। इलाहाबाद मंडल में ही ट्रेन को ट्रैक खाली नहीं मिल रहा है। वहां पहले से ट्रेनों का दबाव ज्यादा है। वरिष्ठ स्तर से जो निर्देश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।

-आरएन सुनकर, डीआरएम, रतलाम रेल मंडल

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- हमें तो सुविधा होगी

भोपाल रेल मंडल से उक्त ट्रेन अप-डाउन में अभी सप्ताह में तीन-तीन दिन गुजरती है। यदि ट्रेन को रोज चलाया गया तो हमें और सुविधा होगी। यात्रियों को हावड़ा जाने के लिए रोज ट्रेन मिलेगी।

-उदय बोरवणकर, डीआरएम, भोपाल रेल मंडल

Posted By: Nai Dunia News Network