भोपाल। पहली पत्नी गंभीर बीमारी से पीड़ित तो दूसरी पत्नी मानसिक रूप से बीमार और तीसरी में ये दोनों लक्षण है। ऐसे में इसके साथ भी रहना मुश्किल हो रहा है। कुछ इस तरह के तर्क फूड कार्पोरेशन विभाग में पदस्थ अधिकारी ने महिला थाना के परिवार परामर्श केंद्र में मंगलवार को काउंसिलिंग के दौरान दिए। उनका कहना था कि कोई भी पत्नी उसके मन की नहीं मिली, इस कारण वह तीसरी पत्नी को भी तलाक देना चाहता है।

परिवार परामर्श केंद्र में दो दिन पहले एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल ने शिकायत दर्ज कराई की उसका पति उसे तलाक देना चाहता है। उसने बताया कि उसकी शादी लगभग डेढ़ साल पहले सेंट्रल गवर्नमेंट अधिकारी से हुई है। मैं उनकी तीसरी पत्नी हूं और अब वे मुझे भी अपनी पिछली दो पत्नियों की तरह तलाक देना चाहते हैं। पत्नी के महिला थाना में गुहार लगाने के बाद परामर्श केंद्र में तुरंत दोनों पक्षों को बुलाकर काउंसलिंग की गई।

इस दौरान पति ने तीनों पत्नियों को छोड़ने के कारण गिना दिए। उसने कहा कि शादी के मामले में उसकी किस्मत ने उसे हर बार धोखा दिया है। वहीं, तीसरी पत्नी का कहना है कि दोनों पत्नियों से बच्चे नहीं है और मेरे साथ भी विवाद का एक कारण यही है। इस बारे में पति का कहना है कि तीसरी पत्नी भी बच्चे की जिम्मेदारी उठाने के लायक नहीं है। मामले में दोनों पक्षों को काउंसिलिंग के लिए फिर से बुलाया गया है।

पत्नी की भी दूसरी शादी

33 वर्षीय पत्नी एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। इसके पहले 2010 में उनकी शादी इंदौर में हुई थी, लेकिन घरेलू हिंसा का शिकार होने के कारण उनका तलाक हो गया। इसके बाद तीन साल पहले एक पारिवारिक समारोह में इस अधिकारी से मिली और डेढ़ साल पहले दोनों ने शादी कर ली। पत्नी ने बताया कि लगभग 6 माह से पति उसे ताना दे रहे हैं कि ये शादी उनके जीवन की सबसे बड़ी गलती है। यही नहीं जब उसने थाना में शिकायत करने की बात की तो सास ने उसे घर से निकाल दिया। अभी वह एक वर्किंग हॉस्टल में रह रही है।

इनका कहना है

मामले में पति द्वारा दिए गए कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं। उसने तीनों पत्नियों के मामले में जो तर्क दिए वह समझ से परे हैं। वहीं पत्नी काफी समझदार है। अभी दोनों की काउंसिलिंग की जा रही है।

मोहिब अहमद, काउंसलर, परिवार परामर्श केंद्र