भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन लैब से आने वाले संक्रमित मरीजों की सूची में कई बार नाम और पता गलत लिखा होने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर में करीब 100 से ज्यादा संक्रमित मरीज ऐसे हैं, जो अपने निर्धारित पते पर नहीं मिले। इतना ही नहीं, उनके मोबाइल नंबर भी गलत पाए गए हैं। इन लापता मरीजों का पता लगाने के लिए प्रशासन कई दफे कोशिश कर चुका है, लेकिन संक्रमित आने के बाद से इन मरीजों का पता ही नहीं चल पाया है। खास बात यह है कि इन सभी मरीजों की जांचें निजी लैब में हुई हैं, इसलिए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अब जो भी निजी लैब संचालक संक्रमित मरीजों के गलत नाम या पते देगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लैब संचालकों को निर्देश भी दिए गए हैं कि नाम और पता सत्यापित व सुनिश्चित करने के बाद ही सैंपल लें। बता दें कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के दौरान भी यह बात सामने आई थी। इसके चलते इंदौर कलेक्टर ने धारा 144 के तहत आदेश जारी कर लैब संचालकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं भोपाल में सख्ती से कार्रवाई की बात कही जा रही है।

मास्क न पहनने वाले 1149 व्यक्तियों से एक लाख 08 हजार 10 रुपये का जुर्माना

नगर निगम भोपाल द्वारा कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन न करते हुए मास्क ना लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर की जा रही है। निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अपने-अपने जोन क्षेत्र के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए मास्क ना पहनने वाले 1149 व्यक्तियों से एक लाख 08 हजार 10 रुपये की राशि स्पाट फाइन के रूप में वसूल की है। वहीं मास्क अनिवार्य रूप से पहनने के लिए समझाइश भी दी है। इधर, निगम अमले ने सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने, अमानक स्तर की पालीथीन का उपयोग व विक्रय, यूरिनेशन आदि के 73 प्रकरणों में 17 हजार 650 रुपये की राशि स्पाट फाइन के रूप में वसूली।

Posted By: Ravindra Soni

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