भोपाल(राज्य ब्यूरो)। वन विभाग अगले साल से प्रदेश के सभी वनमंडल में रूट ट्रेनर (पौधे तैयार करने वाली ट्रे) में पौधे तैयार करेगा। हर वनमंडल में प्रयोग के तौर पर 10-10 हजार पौधे तैयार किए जाएंगे। यह बात वन बल प्रमुख रमेश कुमार गुप्ता ने कही। वे मंगलवार को राजधानी स्थित अहमदपुर नर्सरी में राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह प्रयोग पौधा तैयार करने की प्रक्रिया में पॉलीथिन का उपयोग खत्म करने के लिए है।

पौधे उगाने का काम जनवरी 2022 से

गुप्ता ने नर्सरी प्रभारियों से कहा कि रूट ट्रेनर पद्धति से पौधे उगाने का काम जनवरी 2022 से हर हालत में शुरू कर दें। उन्होंने वन अधिकारियों और नर्सरी प्रभारियों से कहा कि प्रशिक्षण में मिली सीख व पद्धति को अपनाकर काम को समयसीमा में पूरा करें।

तौर-तरीके और बारीकियों की जानकारी दी

वन बल प्रमुख और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मैदानी अधिकारियों और पहली पंक्ति के कर्मचारियों को रूट ट्रेनर के माध्यम से पौधों को उगाने के तौर-तरीके और उनकी बारीकियों की जानकारी दी। कार्यशाला में एसएफ सर्किल के सभी सीसीएफ, एसीएफ, आरओ और नर्सरी प्रभारी शामिल हुए। एसएफआरआइ के वैज्ञानिक डॉ. होमकर और एसीएफ जबलपुर कपिल शर्मा ने रूट ट्रेनर प्लांट की तकनीक को साझा किया।

पर्यावरण मंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय पर्यावरण परिषद गठित

राज्य शासन ने आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश-2023 के संकल्प के अनुरूप राज्य स्तरीय पर्यावरण परिषद का गठन किया है। पर्यावरण मंत्री हरदीप सिंह डंग की अध्यक्षता में गठित परिषद में उपाध्यक्ष प्रमुख सचिव पर्यावरण होंगे। परिषद प्रदेश के पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की नवीन परियोजनाओं के निर्माण के लिए रणनीतिक सुझाव, मार्गदर्शन, परामर्श और नवाचार को प्रोत्साहित करेगी। परिषद पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संपदा के संवहनीय उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयासों और विभिन्न् विभागों द्वारा पर्यावरण से संबंधित सतत विकास लक्ष्य के कार्यों की भी समीक्षा करेगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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