भोपाल। नईदुनिया स्टेट ब्यूरो। सत्ता में आने के सवा साल बाद कांग्रेस की आंतरिक कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। वचन पत्र और सड़क पर उतरने के बयान से गर्माई सियासत में सिंधिया समर्थक नेताओं के बयान और पोस्टरबाजी ने फिर कांग्रेस के हालात बिगाड़ दिए हैं। एक समर्थक ने जिस तरह उन्हें कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बनाने की सलाह दी थी, उससे एक कदम आगे बढ़कर दूसरे समर्थक ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को कटाक्ष किया कि एक व्यक्ति एक पद का फार्मूला क्यों याद नहीं आ रहा?

प्रदेश कांग्रेस में तीन ही कद्दावर नेता हैं जिनमें, कमलनाथ-दिग्विजय सिंह और सिंधिया हैं। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने सवा साल हो गया है। दिग्विजय पर्दे के पीछे से सरकार में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं पर सिंधिया के हाथ कुछ नहीं लगा। लोकसभा चुनाव हार गए तो उनके समर्थकों में निराशा का भाव आ गया था।

इससे सिंधिया समर्थकों ने संगठन और सरकार के खिलाफ बयानबाजी-पोस्टरबाजी शुरू कर दी है। ग्वालियर की एक महिला नेता रुचि ठाकुर ने सिंधिया को खुले रूप से सोशल मीडिया पर दूसरी पार्टी बनाने की सलाह दे डाली। सिंधिया के पिता स्व. माधवराव सिंधिया द्वारा उगता सूरज चुनाव चि- पर जिस पार्टी से चुनाव लड़ा था, उसे पुनर्जीवित करने की सलाह दे दी।

सिंधिया को लेकर सरकार से ही सवाल पूछ लिए

नई पार्टी के बाद सरकार से सवाल का मामला सुलझा भी नहीं था कि शिवपुरी के एक सिंधिया समर्थक शैलेंद्र टेडिया ने शहर में बड़ा पोस्टर लगा दिया। इसमें कमलनाथ-सिंधिया की राहुल गांधी के साथ की एक तस्वीर छापी गई है। इसमें नाम लिए बिना सीएम से सवाल किया है कि इस तस्वीर की मर्यादा भूल गए हैं। साथ ही एक बड़ी बात यह लिखी कि मध्यप्रदेश सरकार एक व्यक्ति एक पद का फार्मूला याद क्यों नहीं कर रही।

नई पार्टी की सलाह पर सिंधिया की फटकार

सिंधिया के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर नई पार्टी बनाने की सलाह देने वाले समर्थक को सिंधिया ने जमकर फटकार लगाई है। संगठन से भी इस पर कार्रवाई करने की सलाह दी है। सूत्र बताते हैं कि रुचि ठाकुर के खिलाफ कांग्रेस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसी तरह पोस्टर लगाने वाले शिवपुरी के समर्थक को सिंधिया ने फटकारा तो उन्होंने पोस्टर को हटा लिया है। सिंधिया से जुड़े लोगों ने कहा कि सिंधिया ने सभी को संदेश दिया है कि उनकी रग-रग में कांग्रेस है और वे कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे।

Posted By: Hemant Upadhyay

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