भोपाल (नवदुनिया स्टेट ब्यूरो)। कांग्रेस विधायक निलय डागा के ठिकानों से आयकर विभाग ने अघोषित संपत्ति का जो बड़ा आंकड़ा पकड़ा है, उसका अधिकांश हिस्सा हवाला के जरिये शेयर खरीदने और फिर उन्हें बेचकर मुनाफा कमाने से संबंधित है। लांग टर्म कैपिटल गैन (लंबे समय तक शेयर रखने के बाद बेचने से होने वाली आमदनी) को आय का प्रमुख जरिया बताया गया। शेयर खरीदने के लिए राशि का भुगतान हवाला के जरिये किया गया। मालूम हो, डागा परिवार का तेल का बड़ा कारोबार है। सूत्रों ने बताया कि इस मामले में निलय डागा के अलावा श्रेयांश डागा व नीरज का नाम भी है। इन लोगों ने कोलकाता की शैल कंपनियों के माध्यम से शेयर खरीदे। इस मामले में बड़ी गड़बड़ी यह है कि जिन कंपनियों के शेयरों के दाम अधिक थे, उन्हें कम दाम पर खरीदना बताया। यानी किसी कंपनी का शेयर 100 रुपये का था तो उसे दस रुपये में खरीदना बताया और बाकी की राशि हवाला के जरिये दी गई। बाद में इन शेयरों को बेचकर वास्तविक कीमत हासिल की और खरीदी व बिक्री के बीच के अंतर को मुनाफे के तौर पर दिखाया गया। इससे कागजों में करोड़ों रुपये की आय होना बताया गया।

कर्मचारियों को अपनी कंपनी का पता ही नहीं : इस मामले में एक और बड़ी गड़बड़ी यह सामने आई है कि डागा परिवार ने अपनी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों को डायरेक्टर बना रखा था। सेटलमेंट के नाम पर 52 करोड़ का बोगस लॉस (नुकसान) दिखाया गया। विभाग की पूछताछ में सामने आया कि जिन कर्मचारियों को डायरेक्टर बताया गया है, उन्हें किसी प्रकार के लेनदेन की जानकारी नहीं है। सूत्रों ने बताया कि कुछ ने तो अपने डायरेक्टर होने की जानकारी से भी इन्कार किया है।

कोलकाता की 24 कंपनियों से फर्जी लेनदेन : सूत्रों के मुताबिक, बैतूल विधायक निलय डागा और उनके भाई कोलकाता की 24 कंपनियों से फर्जी लेनदेन कर रहे थे। इसका मुख्य उद्देश्य टैक्स चोरी था। सैकड़ों ऐसे दस्तावेज आयकर टीम को मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि डागा बंधुओं ने इन कंपनियों से करीब 100 करोड़ रुपये तक का लेनदेन किया। विदेशी मुद्रा बरामद होने के पीछे परिवार की ओर से दलील दी गई कि उनके परिवार के सदस्य का दुबई में कामकाज है और यह विदेशी मुद्रा वहां से लाई गई है।

सीबीडीटी ने सार्वजनिक की जानकारी : केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर विभाग की इस कार्रवाई संबंधित जानकारी सार्वजनिक की है। आमतौर पर सीबीडीटी तब तक जानकारी साझा नहीं करता, जब तक कार्रवाई बड़ी न हो। यह भी जानकारी दी गई है कि डागा परिवार के यहां से बड़ी संख्या में दस्तावेज, लैपटॉप, हार्डडिस्क आदि भी जब्त की गई है। इनका परीक्षण जारी है। नौ लॉकर खोलने की प्रक्रिया भी चल रही है। हालांकि लॉकर से अभी तक कोई अप्रत्याशित धनराशि की जानकारी सामने नहीं आई है।

आयकर कार्रवाई : नकदी लेकर भाग रहे कर्मचारी पर दर्ज होगा केस

रविवार को सोलापुर स्थित कांग्रेस विधायक के ठिकाने से उनका एक कर्मचारी नकदी से भरा बैग लेकर भागने की कोशिश करते पकड़ा गया था। उसके पकड़ में आने के बाद इसी ठिकाने से नोटों से भरे दूसरे भी बैग मिले थे। इस मामले में नोट लेकर भागने वाले कर्मचारी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि कर्मचारी के साथ कंपनी के कर्ताधर्ताओं पर भी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि कर्मचारी तो अपने अधिकारियों के आदेश का पालन कर रहा था। नकदी को गिनने के लिए अधिकारियों को नोट काउंटिंग मशीनें लगानी पड़ीं।

आयकर विभाग ने जिन कंपनियों पर कार्रवाई की है, वह मेरे परिवार से जुड़ी हैं। मुझे आयकर विभाग और देश के कानून पर पूरा भरोसा है। इससे अधिक मुझे कुछ नहीं कहना है। - निलय डागा, विधायक, बैतूल

Posted By: Prashant Pandey

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