Vivek Sagar in Navdunia : भोपाल, ललित नारायण कटारिया। भारतीय हाकी के चमकते सितारे विवेक सागर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्‍साहवर्धन से देश में खेलों का माहौल बन गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जब वे प्रधानमंत्री से तो उन्होंने बधाई देते हुए कहा था कि खूब मेहनत करो, अगले ओलिंपिक में गोल्ड लाना। विवेक शनिवार को नवदुनिया कार्यालय पहुंचे। इस दौरान विवेक ने हाकी के सफर के बारे में विस्‍तार से चर्चा की। उन्‍होंने बताया कि शुरुआत का संघर्ष और ओलिंपिक पदक जीतने की सफलता दोनों का मेरे जीवन में अहम है। मैं हाकी को लंबे समय तक खेलना चाहता हूं और अगले ओलिंपिक में पदक का रंग सुनहरा हो इसके लिए कठिन मेहनत करुंगा। इटारसी के रहने वाले विवेक ने कहा कि भारत में हाकी के विकास के लिए हमें ग्रामीण क्षेत्रों में टर्फ युक्‍त मैदान बनाने होंगे।

प्रश्‍न : भारतीय टीम ने टोक्‍यो ओलिंपिक में कांस्‍य पदक जीतकर 41 साल के सूखे को समाप्‍त किया था, टीम के साथ रवाना होने से पहले ऐसी उम्‍मीद?

उत्‍तर : टीम के कप्‍तान और साथी खिलाड़‍ियों को पूरी उम्‍मीद थी कि इस बार हमे कुछ करना है, हमारी शुरुआत भी ठीक रही, लेकिन आस्‍ट्रेलिया से हार ने बहुत दुखी किया, कप्‍तान मनप्रीत ने पूरी टीम का हौसला बढाया और हम लय में लौट आए। हमे खुशी है कि हम 41 साल बाद देश के लिए पदक जीतने में कामयाब रहे है और मैं इस टीम का हिस्‍सा था।

प्रश्‍न : प्रधानमंत्री ने ओलिंपिक जाने वाले सभी खिलाड़‍ियों को प्रोत्‍साहित किया, चौथा स्‍थान पाने वाले भी पुरस्‍कृत हो रहे हैं, इस बारे में क्‍या विचार है।

उत्‍तर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी खिलाड़‍ियों को भरपूर समर्थन दिया है। उनके इस तरह के उत्‍साहवर्धन के कारण ही हम ओलिंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने में सफल रहे है और देश में खेलों का माहौल बन गया है। पहले पदक विजेता को ही सम्‍मान मिलता था, लेकिन प्रधानमंत्री जी के कारण ओलिंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़‍ियों की पीठ थपथपाकर उनका उत्‍साहवर्धन किया है। इससे प्रेरणा लेकर अगले ओलिंपिक भारतीय एथलीट और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

प्रश्‍न : भारत में हाकी का कैसे विकास कैसे होगा, क्‍या टोक्‍यो का कांस्‍य पदक मील का पत्‍थर साबित होगा?

उत्‍तर : भारत में हाकी पहले से पसंद की जाती है, निश्‍चित ही टोक्‍यो का पदक मील का पत्‍थर साबित होगा। हाकी का क्रेज बढ़ेगा और युवा हाकी से जुड़ेंगे। हमें ग्रामीण क्षेत्रों तक टर्फ को पहुंचाना होगा। वहां टर्फ आने के बाद उन्‍हें खेलने और सीखने का पूरा मौका मिलेगा। टोक्‍यो के पदक ने देश में हाकी का माहौल बना दिया है।

प्रश्‍न : हाकी को भी क्रिकेट की तरह लोकप्रिय होने के लिए टी 20 जैसा बदलाव की जरुरत है?

उत्‍तर : हाकी हमारे देश में पहले से लोकप्रिय है, हाकी को ऐसे कोई बदलाव की जरुरत नहीं है, बल्कि अधिक से अधिक हाकी की प्रतियोगिताएं आयोजित होना चाहिए। जिससे दर्शकों का मनोरंजन भी हो और बेहतर खिलाड़ी भी सामने आ सके।

प्रश्‍न : भविष्‍य में हाकी अकादमी खोलने का कोई विचार है?

उत्‍तर : अभी तो मेरा पूरा ध्‍यान सिर्फ खेलने पर है, मध्‍य प्रदेश राज्‍य हाकी अकादमी खिलाड़‍ियों को बहुत अच्‍छी सुविधाएं दे रहे हैं। इस अकादमी में मैंने प्रशिक्षण लिया और आज इस मुकाम पर पहुंचा हूं।

प्रश्‍न : भारतीय हाकी के विकास में ओडिशा के योगदान पर क्‍या कहेंगे?

उत्‍तर : ओडिशा ने भारत की पुरुष व महिला हाकी टीम को प्रायोजित कर बहुत अच्‍छा काम किया है। इससे भारतीय हाकी का विकास हुआ है। ओलिंपिक के आने के बाद वहां भी भारतीय हाकी टीम को सम्‍मानित किया गया है। ओडिशा के मुख्‍यमंत्री नवीन पटनायक आगे बढ़कर भारतीय हाकी के हाथ को थामा है यह भारतीय हाकी में उनका सराहनीय योगदान है।

प्रश्‍न : मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा एक करोड़ रुपये का पुरस्‍कार, डीएसपी का प्रतिष्‍ठत पद और मकान देने पर क्‍या कहेंगे।

उत्‍तर : मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिना मांगे ही बहुत कुछ दे दिया है, मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं था, ओलिंपिक के पहले भी मेरे ध्‍यान खेल पर था और बाद में भी खेल पर ही रहेगा। जिस तरह से भोपाल में हमारा सम्‍मान किया गया वह जिंदगी में कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। हमारे मुख्‍यमंत्री खेल प्रेमी हैं, वे हमेशा खेल और खिलाड़‍ियों के साथ खड़े रहते हैं और प्रोत्‍साहित करते रहते हैं। यहां की अकादमी में विश्‍वस्‍तरीय सुविधाएं खिलाड़‍ियों को दी जाती हैं।

प्रश्‍न : खिलाड़‍ियों के सम्‍मान में उत्‍तर प्रदेश में हुए कार्यक्रम के बारे में क्‍या कहेंगे ?

उत्‍तर : उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। ओलिंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़‍ियों को सम्‍मानित कर उन्‍होंने एक नया अध्‍याय लिख दिया है। इससे देश में खेलों के लिए जो सकारात्‍मक माहौल बन रहा है उसको गति मिलेगी।

प्रश्‍न : आपकी इस सफलता के पीछ प्रशिक्षको का क्‍या योगदान है?

उत्‍तर : वैसे तो हर वो व्‍यक्ति मेरे लिए सम्‍मानीय है, जिसने मेरे इस सफर में योगदान दिया, इसमें मध्य प्रदेश हाकी अकादमी के मुख्‍य प्रशिक्षक अशोक ध्‍यानचंद की सबसे अहम भूमिका रही है। उन्‍होंने मुझे अकादमी में प्रवेश दिलाया और हाकी के गुर सिखाए। आज भी उनका मार्गदर्शन मिलता है। इसके अलावा सहायक कोच लोकेंद्र शर्मा व हबीब हसन ने भी बहुत मदद की है।

Posted By: Lalit Katariya

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