Indore Bhopal Metro Project: भोपाल(नवदुनिया स्टेट ब्यूरो)। भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के कामों में आ रही बाधाओं को दूर करें और काम में गति लाएं। यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए। वे मंगलवार को मंत्रालय में 'आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोडमैप के तहत गठित अधोसंरचना मंत्री समूह" की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कामों को शामिल किया गया है। जनकल्याण से जुड़े कामों को तेजी से पूरा करें। ज्ञात हो कि इंदौर में मेट्रो रेल का काम धीमा चल रहा है। इसे लेकर तीन दिन पहले नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के बाद भी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक वर्ष से कम अवधि में विभिन्न् समूहों ने बेहतर काम कर दिखाया है। आज यह आवश्यकता है कि प्रत्येक क्षेत्र में कुछ नए और अभिनव प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि बजट संसाधनों के अनुरूप विकास, नई तकनीक, नए सोच और विभागों के सेटअप में जरूरत अनुसार वृद्धि के उपायों पर अमल हो। इससे अधोसंरचना से जुड़ी जनसुविधाओं को बढ़ाना आसान होगा।

चौहान ने विभागवार प्रस्तुतिकरण भी देखा। बैठक में अधोसंरचना मंत्री समूह में नोडल विभाग लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर, नर्मदा घाटी विकास राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव शामिल थे।

बैठक में बताया कि प्रदेश के 378 शहरों में कम आय वर्ग के लोगों के लिए तीन लाख आवास का निर्माण होना है। मार्च 2021 तक 44 हजार 418 मकान बन गए हैं। 49 शहरों में सीवेज सिस्टम को कार्यशील बनाना है। मार्च-2021 तक सात शहरों में काम पूरा हो गया है और मार्च 2022 तक नौ शहरों में पूरा होगा। 41 शहरों में मार्च 2021 तक नल से जल प्रदाय के अतिरिक्त काम हुए हैं।

मार्च 2022 तक 36 शहरों और दिसंबर 2023 तक 100 शहरों तक यह सुविधा ले जाने का लक्ष्य है। वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 200 सड़कों के वैज्ञानिक यातायात सर्वे का लक्ष्य है। इसमें से 82 सड़कों का काम पूरा हो चुका है। विभाग 500 करोड़ रुपये का अलग से इंतजाम कर रहा है। 10 साल से अधिक टोल पर संचालित सभी बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) परियोजनाओं की समीक्षा की जा रही है।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छह लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चरणबद्ध सिंचाई क्षमता के लक्ष्य को पूरा करने के लिए काम हो रहा है। मार्च 2021 तक 1.15 लाख हैक्टेयर का लक्ष्य पूरा कर चुके हैं। दिसंबर 2023 तक 3.15 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई होगी। पांच लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के लिए इस साल के अंत तक आठ हजार करोड़ की नई परियोजनाओं के काम आवंटिन किए जा रहे हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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