भोपाल(राज्य ब्यूरो)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को सुबह साढ़े छह बजे खंडवा और डंडौरी जिलों के कलेक्टर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। इस दौरान जब उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों की सूची खंडवा कलेक्टर को सौंपी तो सारे अधिकारी चौंक गए। दरअसल, मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले सारा फीडबैक लिया था। भ्रष्ट अधिकारियों की जानकारी जुटाने के लिए मुख्यमंत्री अलग-अलग तरीके से फीडबैक जुटा रहे हैं। इसके लिए उनकी एक खुफिया टीम भी काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी को लेकर शिकायतें मिली हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री आवास में कोई पैसा न खाने पाए। इसमें गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करूंगा।

भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध जांच करके कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने आज लगातार तीसरे दिन जिलों में चल रहे विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर समीक्षा की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में जीरो टालरेंस और माफिया को पूरी तरह से ध्वस्त करना सरकार की प्राथमिकता है। हितग्राहियों को बिना विलंब और भ्रष्टाचार के योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। खंडवा कलेक्टर अनूप कुमार सिंह को उन्होंने निर्देश दिए और कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जुड़वाने या किस्त जारी करने के लिए पैसे लेने की शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करें। शहरी आवास योजना में अभी 42 प्रतिशत आवास पूर्ण हुए हैं, उनमें तेजी लाएं।

प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण में 94.33 प्रतिशत आवास बन गए हैं, इसके लिए बधाई पर बाकी जल्द बनाकर रिकार्ड बनाएं। खंडवा में पेयजल व्यवस्था के लिए चारखेड़ से खंडवा तक की पाइप लाइन बदलने के निर्देश दिए। राशन वितरण में विलंब पर उन्होंने नाराजगी जताई।

कुपोषण को समाप्त करने को लक्ष्य के तौर पर लें। माफिया और अपराधियों से मुक्त कराई भूमि पर गरीबों के लिए मकान बनाने को प्राथमिकता दें। अवैध पशु परिवहन को गंभीरता से लें और कलेक्टर अपना खुफिया तंत्र विकसित करें। इस दौरान वन मंत्री विजय शाह ने 16 गांवों को सिंचाई व्यवस्था से जोड़ने की जरूरत बताई।

Posted By: Prashant Pandey

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