बृजेंद्र ऋषीश्वर, भोपाल। नौ जून का दिन मैं कभी नहीं भूल सकती हूं, मैं अपने पति के साथ न्यू मार्केट में थी। पति पानी की बोतल लेने होटल में गए थे। उसी समय मुझे अकेला देखकर तीन बदमाश आए और सीटी बजाकर अश्लील फब्तियां कसने लगे। मेरे मना करने के बाद भी वह नहीं रुके तो मैंने एक बदमाश को थप्पड़ जड़ दिया। इसपर उसने अचानक मेरे चेहरे पर ब्लेड से हमला कर दिया। उस दिन को और उन जख्मों को कभी नहीं भूल पाती हूं। चेहरे पर 118 टांके आए। यह बताते हुए शिवाजी नगर में रहने वाली सीमा सोलंकी का गला रुंध जाता है, आंखें भर आती हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के मौके पर जब नवदुनिया ने उनसे बात की तो उन्होंने छेड़छाड़ की घटना पर हुए हमले और उसके बाद जारी संघर्ष पर चर्चा की। सीमा के चेहरे पर अब भी काम करते वक्त सूजन आ जाती है। बीतते समय के साथ जिंदगी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, सीमा के इरादे भी मजबूत होते जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक आरोपित को सजा नहीं हो जाती है, मैं लड़ती रहूंगी।

रात के अंधेरे में संदिग्ध घर के करीब आते, लेकिन मैं डरती नहीं हूं

सीमा कहना है कि उन पर हमला करने वाला टीटीनगर इलाके का इनामी बदमाश बादशाह और उसके नाबालिग साथी थे। घर के पास कई बार रात को संदिग्ध लोग आते हैं, लेकिन मैं डरती नहीं हूं। सबसे यही कहती हूं कि जिंदगी में डरने की जरूरत नहीं है। इन जख्मों ने और हिम्मती बना दिया है।

सीएम ने ली थी खैर-खबर, बच्चों को मिला सरकारी स्कूल में प्रवेश

सीमा ने बताया कि घटना के बाद मुख्यमंत्री उनसे मिलने के लिए उनके घर तक आए। उनके बच्चों का शासकीय स्कूल में प्रवेश कराया। उनका कहना है कि मेरी तबीयत भी खराब रहती है, जिस तरह तेजाब के हमले में चेहरा बिगड़ जाता है, उतनी ही तकलीफ मुझे भी है। सीमा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मिलना चाहती हैं, उनको धन्यवाद कहना चाहती हैं। उनका कहना है कि मैं दो बार उनसे मिलने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन बाहर से उनको वापस आना पड़ा।

Posted By: Ravindra Soni

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