भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। शहर में भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा के लिए कृष्ण मंदिरों में तैयारियां से शुरू हो गई हैं। अभी भगवान जगन्नाथ 'ज्वर लीला' में हैं। स्वस्थ होने के बाद वे दर्शन देंगे। फिर एक जुलाई को रथयात्रा महोत्सव शुरू हो जाएगा। शहर के अलग-अलग मंदिरों से रथ यात्रा निकाली जाएगी।

श्री गौर राधा मदन गोपाल मंदिर शांति नगर से पारंपरिक रथ यात्रा निकाली जाएगी रथ यात्रा के संबंध में समस्त व्यवस्थाओं को लेकर मंदिर परिसर में रविवार को बैठक आयोजित की गई। जिसमें एक जुलाई दोपहर 12 बजे महाआरती एक बजे रथ यात्रा एवं शाम को महा प्रसादी के संबंध में अलग-अलग भक्तों को व्यवस्था सौंपी गई। रथयात्रा शांति नगर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई वापस मंदिर परिसर में संपन्न होगी।

इस्कान मंदिर भेल की तीन जुलाई को निकलेगी यात्रा

भेल बरखेड़ा इस्कान मंदिर में तीन जुलाई को रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा। यात्रा में भगवान 100 मीटर पीले कपड़े से बनी विशेष वस्त्र धारण करेंगे। वहीं सुभद्रा जी लाल और बलदेव जी नीले रंग की पोशाक में होंगे। एक पोशाक की कीमत करीब 50 हजार रुपए है। इस्कान भेल के अध्यक्ष रसानंद दास ने बताया कि पोशाक को 100 मीटर कपड़े से तैयार किया जा रहा है। पिछले ढाई महीने से किरण कोहली व उनकी टीम पोशाक तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि जो श्रद्धालु भगवान के 116 राउंड भजन पूरे करते हैं, उन्हें ही पोशाक तैयार करने का सौभाग्य मिलता है। विशेष तरह का बक्रम, लेस के साथ मोती और मानिक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इंदौर, मुंबई, नासिक से मंगाए फूल

जगन्नाथ यात्रा के लिए रथ भी तैयार किया जा रहा है। रथ को सजाने के लिए इंदौर, मुंबई, नासिक के अलावा देश के अलग अलग हिस्सों से फूलों को मंगाया जा रहा है। इसमें कई सुगंधित फूल तो कई दुर्लभ फूल भी हैं। वहीं भगवान को 501 तरह का भोग लगाया जाएगा। बाद में श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में बांटा जाएगा। भोग गृहस्थ लोग घर से बनाकर ही लाते हैं, जो बाद में भगवान को अर्पित किया जाता है।

भगवान को दी जा रही अर्क वाली मिठाई व खिचड़ी

भगवान को मिठाई बहुत पसंद हैं। दिन के भोग में मिठाई जरूर होती है, लेकिन इस समय भगवान जगन्नाथ ज्वर लीला में हैं और उन्हें सर्दी-खांसी है। ऐसे में उन्हें अदरक के अर्क वाली मिठाई भोग स्वरूप दी जा रही है। अदरक की तासीर गर्म होती है जिससे खांसी ठीक होती है। भोग में गर्म व पतली खिचड़ी भी दी जा रही है।

Posted By: Ravindra Soni

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