भोपाल(नवदुनिया रिपोर्टर)। पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस 14 नवम्बर से 'संग्रहालय से संवाद' अंतर्गत बाल एवं युवा दर्शकों को जोड़ने का अभियान आरंभ किया गया है। इसी श्रृंखला के अंतर्गत गुरुवार को मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में प्रदेश के विभिन्ना स्कूलों के लगभग 2000 बधाों ने संग्रहालय में निर्मित दीर्घाओं में मध्यप्रदेश के जनजातीय जीवन, कलाबोध, देवलोक, खेल दीर्घाओं का भ्रमण किया तथा संग्रहालय में प्रदर्शित विभिन्ना प्रकार के कला शिल्पों का बारिकी से अवलोकन किया। इसके साथ ही साथ बधाों ने संग्रहालय की प्रदर्शनी दीर्घा लिखंदरा में शलाका-4 अंतर्गत भीली चित्रकार शरामा बारिया द्वारा बनाए चित्रों को देखा।

जनजातीय जीवन को समझा

अपने अनुभव साझा करते हुए शासकीय सुभाष उधातर माध्यमिक विद्यालय, भोपाल 9 वीं कक्षा की छात्राओं खुशी पाल, श्रुति, अनु, अंकाक्षा, प्राची, भूमि, उदिता ने बताया कि संग्रहालय आकर उन्होंने जनजातीय जीवन को समझा और सभी को उनके द्वारा रचित कलाएं बहुत पंसद आईं। छात्रों में विशाल मीना, यश, सचिन तेदेला ने बताया कि यहां आकर इन सब ने ग्रामीण परिवेश और वहां की संस्कृति को जाना जो अद्भुत है। जनजातियों के घर और यहां संरक्षित कलाएं बहुत ही आकर्षक हैं। विद्यालय के अध्यापक गुलाब सिंह ने बताया कि बधाों को भ्रमण के उपरांत विद्यालय में प्रतियोगिता भी कराई जाती है जिसमें बधो लेखन और मौखिक में अपने विचारों को साझा करते हैं। अध्यापिका ललिता,रशि रघुवंशी ने बताया कि वह बधाों को संग्रहालय कलाओं के बारे बारीकी से समझाती हैं, जिससे उन्हें जनजातीय संस्कृतिक ज्ञान हो सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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