जल जीवन मिशन के काम में ढिलाई की वजह से हटाए गए प्रमुख अभियंता

Jal Jeevan Mission: भोपाल(राज्य ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता वाले जल जीवन मिशन के काम में लापरवाही और लेटलतीफी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान नाराज हैं। हालात यह हैं कि जिम्मेदार अधिकारी पिछले साढ़े तीन साल में मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर में 52.47 प्रतिशत और उनकी कर्मभूमि विदिशा जिले में 57.42 प्रतिशत घरों में पानी नहीं पहुंचा पाए हैं।

यह स्थिति तब है जब चौहान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से वर्ष 2023 तक प्रदेश के सभी चयनित एक करोड़ 20 लाख छह हजार 808 मकानों में नल से जल पहुंचाने का वादा कर चुके हैं। शुरूआत में तेजी से काम भी हुआ, पर अब लेटलतीफी हो रही है। हालांकि देरी के लिए राज्य सरकार सवा साल के कांग्रेस के कार्यकाल को भी जिम्मेदार ठहराती है।

मुख्यमंत्री खुद कह चुके हैं कि तभी योजना पर काम शुरू हो जाता, तो स्थिति बेहतर होती, फिर भी चुनावी साल में काम पूरा करना सरकार के लिए चुनौती बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री की यही नाराजगी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता केके सोनगरिया को भारी पड़ी। उन्हें दो दिन पहले ही इस पद से हटाया गया है।

योजना 15 अगस्त 2019 को शुरू हुई थी। इस अवधि में सरकार 54 लाख 96 हजार 48 घरों तक पानी पहुंचा पाई है, जो 45.77 प्रतिशत होता है। मुख्यमंत्री ने विभाग के मैदानी अधिकारियों से साफ-साफ कहा है कि योजना का काम तय समयसीमा में पूरा होना चाहिए और उसमें कोई गड़बड़ी भी नहीं होनी चाहिए।

वे लगातार समीक्षा भी करते रहे हैं। फिर भी सतना, पन्ना, छतरपुर जिलों की स्थिति बहुत खराब है। इन जिलों में क्रमश: 80.16, 78.43 और 77.47 प्रतिशत घरों में पानी नहीं पहुंचा है। जानकार बताते हैं कि चुनावी साल में इस योजना के खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े मायने रहेंगे। इसलिए सरकार हर हाल में चयनित घरों तक पानी पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उल्लेखनीय है कि योजना के तहत 51 हजार 548 गांवों में पानी पहुंचाना है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close