भोपाल (राज्य ब्यूरो)। ग्वालियर - चंबल संभाग सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न् क्षेत्रों में जुलाई-अगस्त में आई बाढ़ ने सिंचाई संरचना को भारी नुकसान पहुंचाया है। नहरों की वर्तमान स्थिति रबी सीजन में समस्या बन सकती है, क्योंकि नहरों के कई जगह से टूटे होने के कारण आखिरी खेत तक पानी पहुंचाना संभव नहीं होगा। जल संसाधन विभाग ने 790 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है।

इस संरचना को जल्द दुरुस्त करने के लिए राज्य ने केंद्र सरकार से मदद मांगी है। विभाग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। वहीं राज्य सरकार अपने स्तर पर व्यवस्थाएं जुटा रही हैं। जानकारी के मुताबिक श्योपुर, भिंड, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया और विदिशा जिलों में 427 लघु और 33 मध्यम या वृहद सिंचाई संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इन जिलों में लघु संरचनाओं को सात से 35 फीसद तक नुकसान हुआ है।

कहां कितना नुकसान

- श्योपुर जिले के श्योपुर, विजयपुर और करहाल ब्लाक में 19 लघु योजनाओं, तीन मध्यम या वृहद योजनाओं को 30-30 फीसद नुकसान

- मुरैना के सबलगढ़, पहाड़गढ़, अम्बाह, कैलारस, पोरसा, मुरैना एवं जौरा में 66 लघु को 20 फीसद, दो मध्यम या वृहद योजनाओं को दो फीसद का नुकसान

- भिंड के भिंड, अटेर, मेहगांव, लहार, रौन और गोहद में 41 लघु योजनाओं को 10 फीसद, तीन मध्यम या वृहद योजनाओं को 20 फीसद नुकसान

- ग्वालियर के मुरार, डबरा, घाटीगांव एवं भितरवार में 141 लघु योजनाओं को 20 फीसद और मध्यम या वृहद छह योजनाओं को 20-20 फीसद, हरसी उच्च स्तरीय नहर को पांच फीसद

- शिवपुरी के शिवपुरी, कैलारस, करेरा, नरवर, पोहरी, पिछोर, खनियाधाना, बदरवास की 91 लघु योजनाओं को 30 फीसद और चार मध्यम या वृहद योजनाओं को 20 फीसद नुकसान

- दतिया में दतिया नहर, भांडेर नगर प्रणाली और सिंध आरबीसी की 40 लघु योजनाओं को 35 फीसद

- विदिशा के गंजबासौदा, सिरोंज, शमशाबाद ब्लाक में छह लघु योजनाओं को सात फीसद और छह मध्यम या वृहद योजनाओं को 14 फीसद नुकसान।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

NaiDunia Local
NaiDunia Local