भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। Kamal Nath Cabinet मध्‍य प्रदेश में चार साल बाद अप्रैल 2020 से शराब दुकानों की नीलामी शुरू होगी। सरकार छह से आठ दुकानों का समूह बनाकर दुकानें नीलाम करेगी और पांच किमी के दायरे में ठेकेदारों को उप दुकान खोलने की इजाजत भी देगी। ठेकेदार आहता खोलना चाहते हैं तो अलग से शुल्क लिया जाएगा।

इस नीति से राज्य को करीब साढ़े 13 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की उम्मीद है। प्रदेश की इस नई शराब नीति का प्रस्ताव बुधवार को कैबिनेट में लाया जा रहा है। इसके अलावा बैठक में होशंगाबाद के बाबई को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने, समय सीमा में आवेदनों के निराकरण के विधेयक सहित 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी।

प्रदेश में पिछले चार साल से शराब दुकानों का लाइसेंस नवीनीकरण किया जा रहा था। सरकार ने अब रेत नीति की तर्ज पर शराब नीति तैयार की है। जिसमें दुकानों का समूह बनाकर नीलामी होगी। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए इलेक्ट्रॉनिक नीलामी की जाएगी। इसमें पांच किमी की परिधि में अन्य दुकान न होने पर संचालक को अतिरिक्त शुल्क देकर उपदुकान खोलने का अधिकार दिया जा रहा है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2015-16 में आखिरी बार दुकानें नीलाम हुई थीं। वहीं कैबिनेट होशंगाबाद के बाबई को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाएगी। कमलनाथ सरकार की मंशा इस क्षेत्र को खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक और फार्मा उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इसको लेकर रिलायंस समूह के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के साथ चर्चा का एक दौर भी हो चुका है। बाबई फार्म का कुल क्षेत्र तीन हजार एकड़ से ज्यादा का है। यहां कोका कोला सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली हिंदुस्तान ब्रेवरीज को 110 एकड़ जमीन दी जा चुकी है।

समयसीमा में आवेदनों का निराकरण करने कानून

सरकार औद्योगिक इकाईयों को जमीन आवंटन, पानी, बिजली, फैक्ट्री लाइसेंस सहित तीन दर्जन से ज्यादा अनुमतियां तय समय पर देने को लेकर 'मप्र समयबद्ध स्वीकृति अधिनियम 2020" ला रही है। कानून का मसौदा बुधवार को कैबिनेट में रखा जाएगा।

गवर्नेंस में सुधार की यह कोशिश देश-विदेश के उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए की जा रही है। सरकार उद्योगों से जुड़ी तमाम अनुमतियां सात दिन में देगी। यदि किसी प्रक्रिया में तय समय से ज्यादा वक्त लगता है तो आवेदक को स्वत: ही डीम्ड अनुमति मिल जाएगी। इस कानून में अनुमति देने में देरी और लापरवाही होने पर कार्रवाई का प्रावधान भी कर रही है।

ओएसडी का मानदेय बढ़ेगा

सरकार मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ गैर सरकारी व्यक्ति विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव भी कैबिनेट में ला रही है। कैबिनेट राज्य सूचना आयोग के वर्तमान ढांचे के अनुरूप अमले की मंजूरी देगी। वहीं अल्पावधि फसल ऋ ण दिए जाने की योजनांतर्गत खरीफ 2018 एवं रबी 2018-19 में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर बांटे गए फसल ऋ ण की ड्यू डेट 30 जून 2019 की बढ़ी हुई अवधि बेसरेट पर निर्धारित की जाएगी। सिंगरौली में पीपीपी मोड पर हवाई पट्टी का निर्माण करने का प्रस्ताव भी शामिल है।

Posted By: Hemant Upadhyay