भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। कमल नाथ के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस की सरकार अपने बोझ से गिरी है। 13 साल तक प्रदेश के सीएम रह चुके चौहान ने कहा, भाजपा कभी सत्ता गिराने बचाने के खेल में नहीं रही। अपने बोझ से यह कांग्रेस सरकार गिरी है। उन्होंने कहा, 'यह सरकार अपने अंर्तद्वंद से गिरी है। असंतुष्ट कांग्रेस नेताओं में आंतरिक कलह के कारण गिरी है"।

शुक्रवार को मीडिया से चर्चा करते हुए चौहान ने कहा कि भाजपा अगर चाहती, तो दिसंबर, 2018 में भी सरकार बना सकती थी, लेकिन पार्टी कभी सरकार बनाने और गिराने के खेल में नहीं रही। कमल नाथ सरकार के कार्यकाल में जनता प्रदेश की बदहाली देख रही थी और कांग्रेस के अपने लोग भी इससे असंतुष्ट थे। पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे दिग्विजय सिंह की नीतियों और अपने ही बोझ से ही कमल नाथ सरकार गिरी है।

पतन का कारण सरकार खुद : विष्णुदत्त शर्मा

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रदेश के गरीब, नौजवान, माताएं-बहनें सभी पीड़ित थे। इस सरकार ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान करने और भाजपा सरकार के वैधानिक कामों को अवैधानिक करने का प्रयास किया। जिस छल और कपट के साथ यह सरकार सत्ता में आई थी, उसी प्रकार इसने सत्ता में बने रहने के लिए विधायकों, उनके परिजनों और समर्थकों पर दबाव डालने का काम किया।

शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार अपने अंतर्द्वंद और अंतरविरोधों के कारण गिरी है। इस सरकार के समय प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल था। कई बार कांग्रेस के नेताओं और मंत्रियों ने कहा कि भ्रष्टाचार चरम पर है, जनता में आक्रोश है और अगर हालात नहीं सुधरे, तो हम सड़कों पर उतर जाएंगे, लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। इन्हीं सब कारणों के चलते कमल नाथ सरकार का पतन हुआ है। शर्मा ने कहा कि यह पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की जीत है और इस सरकार ने प्रदेश की गरीब जनता, भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ जो अन्याय किया है, उसका हिसाब प्रदेश की जनता लेगी।

यह कांग्रेस के आंतरिक संघर्ष की परिणति है : गोपाल भार्गव

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि हमारे विधायकों ने पूरे 15 महीने संघर्ष किया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर होने जा रहे फ्लोर टेस्ट के पहले ही मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सरकार के अल्पमत में आ जाने के कारण इस्तीफा दे दिया। अब कोहरा और धुंध छंट गए हैं तथा सब स्पष्ट हो गया है।

भार्गव ने कहा कि कांग्रेस सरकार के छह मंत्रियों ने इस्तीफे दिये थे। लेकिन कांग्रेस ने उन पर भी हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाकर उनका अपमान किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ जो व्यवहार हुआ, वह सरासर गलत था। कमल नाथ, दिग्विजयसिंह के कारण वह ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हुए। भार्गव ने कहा कि इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है, यह कांग्रेस का ही आंतरिक संघर्ष था, जिसकी परिणति सरकार के गिरने के रूप में हुई है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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