भोपाल(नरि)। भारतीय साहित्य एवं कला परिषद का काव्योत्सव भारतीय साहित्य एवं कला परिषद के तत्वावधान में अनुज भवन, अरोरा कॉलोनी में सोमवार को आयोजित हुआ। काव्योत्सव की अध्यक्षता पद्मश्री कवि कैलाश मड़बैया ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मोहनी तिवारी 'आनंद' मौजूद थे। दोनों ने अपनी रचनाएं भी पढ़ीं। इस मौके पर विनोद जैन ने सूनसान जो दिखी डगर, न गांव मिला न कोई नगर..., सुरेंद्र पटवा ने रात दबे पांव आती है भूख उदासी लिए...और तेज सिंह ठाकुर ने तुम्हे देखने फिर बदली से निकला होगा चांद... रचना सुनाई। काव्योत्सव में अन्य अतिथि कवियों पन्ना से सुशील खरे वैभव,मउ रानीपुर से हरिश्चंद्र राज,सुरेश पवरा आकाश, प्रेम सक्सेना,डॉ.गौरीश शर्मा,विमल भंडारी,आशा श्रीवास्तव,ऊषा सक्सेना,सुशील गुरु,डॉ.जयराम आनंद, राम भरोसे वर्मा,अशोक ब्यग्र,मुकेश कबीर,विश्वनाथ विमल आदि ने मधुर काव्य पाठ किया। संचालन कवि गोकुल सोनी किया। इस अवसर पर मूलचंद्र सोनी (विदिशा) का मधुर बांसुरी वादन भी हुआ।

Posted By: Nai Dunia News Network