भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी भोपाल में गुरुवार को मकर संक्रांति का पर्व उत्साह व श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है। सुबह छह बजे से मंदिरों में भगवान को तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जा रहा है। मंदिरों में पूजा-अर्चना के कार्यक्रम हो रहे हैं। श्रीजी, बड़वाले महादेव, 1100 क्वार्टर, भेल बरखेड़ा सहित सभी छोटे-बड़े मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। महाराष्ट्रीयन, गुजराती, हिन्दू, सिख, तमिल सहित अन्य समाज के लोग अपनी-अपनी परंपरानुसार मकर संक्रांति पर्व को मना रहे हैं। पंडितों व ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मकर संक्रांति का पर्व देश में अलग-अलग रूप में मनाया जाता है। इस पर्व की खासियत यह है कि जब पौष मास में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तभी यह मनाया जाता है। मकर संक्रांति पर सूर्य उपासना का विशेष महत्व होता है। मकर संक्रांति पर दिन व रात बराबर होते हैं। आज से दिन लंबा और रातें छोटी होने लगेंगी।

मंदिरों में बांटी जा रही खिचड़ी

शाहुपरा, चूनाभट्टी, नेहरू नगर, कोटरा सुल्तानाबाद, जवाहर चौक हनुमान मंदिर सहित कई मंदिरों में खिचड़ी बांटी जा रही है। चावल को चंद्रमा का प्रतीक, उड़द दाल को शनि का और हरी सब्जियों का संबंध बुध से माना जाता है, इसलिए कहते हैं कि मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने से राशि में ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है। शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने का बहुत ही महत्व माना गया है। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति पर चावल, दाल, हल्दी, नमक, मटर और सब्जियां खासतौर पर फूलगोभी डालकर खिचड़ी बनाई जाती है। इसके अलावा मकर संक्रांति पर खिचड़ी के सहायक व्यंजन के रूप में दही, पापड़, घी और अचार का मिश्रण भी दिया जाता है। इस दिन खिचड़ी की सामग्री का दान भी किया जाता है।

पतंगबाजी के जरिए कोरोना से बचाव का संदेश, राम मंदिर निर्माण की खुशी का इजहार

ढूंढो देवी धार्मिक संगठन की ओर से मकर संक्रांति पर कोरोना से बचाव के लिए 'दो गज की दूरी मास्क है जरूरी' का संदेश देती हुई पतंगें सोमवारा, पीरगेट सहित पुराने शहर के अलग-अलग इलाकों में लोग उड़ा रहे हैं। वहीं न्यू मार्केट, ईदगाह हिल्स, संत हिरादाराम नगर सहित कुछ जगहों पर ऐसी पतंगें भी उड़ती नजर आईं, जिनमें अयोध्या में बनने वाले श्रीराम मंदिर का फोटो छपा है। भगवान श्रीराम मंदिर के चित्र के ऊपर लिखा हुआ है कि 'सपना हुआ साकार'। कोरोना वैक्सीन आने पर वैज्ञानिकों के चित्र वाली पतंगें भी आसमान में उड़ रही हैं।

Posted By: Ravindra Soni

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस