Kuno Palpur National Park: भोपाल(राज्य ब्यूरो)। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार ने स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को मैदान में उतार दिया है। इसके कर्मचारी शिवपुरी में अस्थायी कैंप करेंगे। फोर्स को स्थानीय स्तर पर भी कर्मचारी दिए जा रहे हैं, जो पार्क से सटे क्षेत्र में खुफिया तंत्र विकसित करेंगे और चीतों की सुरक्षा को देखते हुए शिकार की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।

अंतरराष्ट्रीय चीता परियोजना पर देश-दुनिया की नजर है। इसके सफल होने पर भारत में और चीते एवं अन्य वन्य प्राणी लाने के रास्ते खुलेंगे इसलिए चीतों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक उपाय यह भी है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में शिकार की घटनाएं सामने आती रही हैं।

जुलाई के दूसरे पखवाड़े में पार्क में चीता बाड़े की पाइप से गियर वायर बांधकर तेंदुए का शिकार किया गया था। इस मामले में पार्क के नजदीक के ग्रामीण ही गिरफ्तार किए गए हैं इसलिए सरकार चीतों की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। यही कारण है कि जिला सैनिक कल्याण बोर्ड ग्वालियर से 20 भूतपूर्व बंदूकधारी सैनिकों को चीतों की सुरक्षा में लगाया गया है। ड्रोन से नजर रखने के अलावा चीतों के क्वारंटाइन बाड़े में सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। गश्त बढ़ाने के साथ ही प्रशिक्षित श्वानों की भी मदद ली जा रही है।

ऐसे काम करेगी फोर्स

एसटीएसएफ के कर्मचारी पार्क और आसपास निगरानी करेंगे। वे नजदीक के गांवों में जाकर खुफिया तंत्र तैयार करेंगे, ताकि किसी भी गड़बड़ी की सूरत में उन्हें पहले ही भनक लग जाए। वन अपराध में लिप्त रहे लोगों को चिह्नित करेंगे और उन पर नजर रखने का जिम्मा स्थानीय कर्मचारियों को सौंपा जाएगा। उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों से संबंधित अपराधों की रोकथाम और जांच के लिए एसटीएसएफ का गठन किया गया है। फोर्स ने पिछले 12 सालों में चंबल घड़ियाल अभयारण्य से कछुओं की तस्करी सहित बाघ और तेंदुओं के शिकार के कई मामलों का राजफाश किया है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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