भोपाल। नईदुनिया स्टेट ब्यूरो। मध्य प्रदेश को जल्द ही एक और खुशखबरी मिलने वाली है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तेंदुआ गणना के आंकड़े जारी करने वाला है। उम्मीद जताई जा रही है कि बाघों की गणना में बाजी मारने के बाद मध्‍यप्रदेश का तेंदुओं की गणना Leopard count in Madhya Pradesh में भी अच्छा प्रदर्शन रहेगा। जानकार बताते हैं कि वर्ष 2018 की गिनती में प्रदेश में 2200 से ज्यादा तेंदुए मिलने की उम्मीद है। वर्ष 2014 की गणना में प्रदेश में 1817 तेंदुए गिने गए थे। इसमें कर्नाटक दूसरे नंबर पर था। वहां 1129 तेंदुए गिने गए थे।

प्रदेश को आठ साल बाद टाइगर स्टेट का तमगा मिला है और अब प्रदेश तेंदुआ स्टेट का खिताब भी बरकरार रखने जा रहा है। भारतीय वन्यप्राणी प्रबंधन संस्थान देहरादून प्रजातिवार वन्यप्राणियों के आंकड़ों को अलग-अलग कर रहा है। यह काम लगभग पूरा हो चुका है और नवंबर के अंत तक वन मंत्रालय यह रिपोर्ट राज्यों को भेज देगा।

फिर राज्य सरकारें या वन विभाग अपने स्तर पर आंकड़े घोषित कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो मध्य प्रदेश बाघ के बाद तेंदुआ और भालुओं की संख्या में भी अव्वल रह सकता है। वैसे तो भालुओं की संख्या का प्रदेश में कोई एकजाई आंकड़ा नहीं है, लेकिन अब आने वाले आंकड़े हजारों में होंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में दिसंबर 2017 से मार्च 2018 के बीच देशभर में बाघों की गिनती करवाई गई है। इस दौरान तेंदुए भी गिने गए। केंद्र सरकार ने बाघों के आंकड़े सार्वजनिक कर दिए, लेकिन तेंदुआ, भालू सहित अन्य मांसाहारी और शाकाहारी वन्यप्राणियों के आंकड़े अब तक घोषित नहीं किए हैं।

16 जिलों में पहली बार दिखे तेंदुए

प्रदेश में 16 जिलों में पहली बार तेंदुओं की उपस्थिति दर्ज की गई है। इन जिलों में पिछले दो-तीन साल में तेंदुओं का मूवमेंट शुरू हुआ है, जबकि प्रदेश के 30 जिलों में पहले से तेंदुए पाए जाते थे। जिन जिलों में तेंदुए पहली बार देखे गए हैं। उनमें शहडोल, डिंडौरी, बैतूल, खंडवा, सागर, छतरपुर, सतना, सिंगरौली सहित अन्य शामिल हैं।

धीरे-धीरे स्थिति में आ रहा सुधार

तेंदुओं की संख्या के मामले में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। वन विभाग के सूत्र बताते हैं कि वर्ष 2000 तक प्रदेश में 3600 से ज्यादा तेंदुओं की मौजूदगी बताई जा रही थी, लेकिन दुर्घटना, शिकार और स्वाभाविक मौतों के चलते संख्या तेजी से कम होती गई, जो 1800 तक आ गई थी। प्रदेश में बाघों के संरक्षण के प्रयासों के चलते इसकी संख्या में भी वृद्धि हो रही है। हालांकि इन परिस्थितियों के बाद भी तेंदुओं की संख्या के मामले में मप्र देश में पहले स्थान पर है।

इजाफा होने की उम्मीद

वर्ष 2014 की गिनती के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा तेंदुआ मध्य प्रदेश में हैं। इस बार भी अच्छे संकेत हैं। तेंदुओं की संख्या में इजाफा होने की पूरी उम्मीद है। आंकड़े जल्द आने की उम्मीद है।

- जेएस चौहान, एपीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ

Posted By: Hemant Upadhyay