दक्षा वैदकर. भोपाल! आमतौर पर टीवी सीरियल्स में या तो सास को इतनी अच्छी बताया जाता है कि उनके सामने मां भी फेल हो जाए या इतनी बुरी बताया जाता है कि शैतान की रूह भी कांप जाए। हालांकि असल जिंदगी में कुछ और ही होता है। कुछ लड़कियों की किस्मत अच्छी होती है, तो उन्हें सच में बहुत अच्छे स्वभाव वाली सास मिल जाती है, जो उन्हें बेटी की तरह रखती है। लेकिन अफसोस कि सभी लड़कियों की किस्मत ऐसी नहीं होती। आज भी ऐसे परिवार मौजूद हैं, जहां बहू को बेटी की तरह नहीं, बल्कि घर की नौकरानी की तरह रखा जाता है। बात-बात पर बहू को ताना मारा जाता है। अगर आप भी ऐसी परिस्थितियों से गुजर रही हैं तो आज हम आपको बता रहे हैं कि इन परिस्थितियों को कैसे ठीक करें।

खुद के लिए आवाज उठाएं

कई घरों में बेटियों को सिखाया जाता है कि सास कुछ भी बोले, कैसा भी व्यवहार करें, सहन कर लो। बड़े-बुजुर्ग हैं, उनकी बातों का बुरा मत मानो। कुछ घरों में ये सीख चल जाती है, क्योंकि सास कभी-कभार ही ताना मारती है। लेकिन कई घरों में ये सीख गलत साबित होती है। सास की हिम्मत, ताने बढ़ते चले जाते हैं। वह बहू के साथ गलत व्यवहार करती जाती है, उसकी जिंदगी के फैसले खुद लेने लगती है! बहू नौकरी करेगी कि नहीं, मायके जायेगी कि नहीं? बच्चा कब करेगी? ऐसे फैसलों पर अपना दबाव डालती है, ये सोचकर कि आखिर ये क्या कर लेगी? हमारी बात माननी ही पड़ेगी।

ऐसी परिस्थिति में जरूरी हो जाता है कि आप अपने लिए खड़़ी हों। आप अपनी बात साफ शब्दों में शांत तरीके से उन्हें कहें। उन्हें बताएं कि आप उनकी इस बात से सहमत नहीं हैं और ये आपकी जिंदगी है, इसका फैसला आप लेंगी। आपके ऐसे स्टैंड लेने से उन्हें भी समझ आयेगा कि आपको हर बार दबाया नहीं जा सकता और आप आवाज उठाना जानती हैं, सिर्फ रिश्तों का मान रखकर कई बार चुप रहती हैं। हो सकता है कि इस तरह वे थोड़ी सुधर जाएं।

खुद को कूल दिखाएं

कई घरों में देखा गया है कि बाहर वालों के सामने सास अपनी बहू की बहुत बुराई करती है। आस-पड़ोस वाले हों, दोस्त हो या रिश्तेदार, सभी के सामने बहू को भला-बुरा कहती हैं। उन्हें पता होता है कि ऐसा करने से बहू को बुरा लगेगा, उसे तकलीफ होगी। इसलिए ऐसी परिस्थिति में आवाज उठाने की बजाय खुद को कूल दिखाएं। सास जिन लोगों से आपकी बुराई कर रही है और जो उनकी बातों पर हामी भरते भी दिख रहे हैं, उन लोगों से दूरी बना लें। अगर वे मेहमान के तौर पर घर में आये हैं, तो उनसे ना के बराबर बातचीत करें। उनके सामने न जाएं। वे लोग जहां बैठकर बुराई कर रहे हैं, वहां न रूके, बल्कि अपने काम में लग जाएं। गाने सुनें, टीवी देखें, खुद को बिजी दिखाएं। जब सास देखेगी कि आप पर उनकी बातों का असर नहीं हो रहा, तो वे भी बोल-बोल कर थक जायेंगी।

पति के साथ संबंध खराब न हों

कई बार ऐसा होता है कि सास अपने बेटे के सामने बहू से बहुत अच्छा व्यवहार करती है, लेकिन उसके न होने पर तेवर ही बदल जाते हैं। सास ऐसे दिखाती है कि वही सारे काम कर रही है और बहू आराम करती है। कई बार गलती न होने पर भी बेटे के कान भरती है। ऐसा होने पर पति से जरूर बात करें। उन्हें परिस्थिति को समझाएं। जब सास ऐसा कुछ करे तो सबूत जुटाएं ताकि पति को आपकी बात का यकीन हो। अगर फिर भी पति मां का पक्ष लें, यह कहकर कि वे बुजुर्ग हैं तो फिर ऐसी परिस्थितियों को अपने हिसाब से हैंडल करें। पति को कहें कि अब आप अपने मुताबिक परिस्थिति संभालेंगी। ये सारी बातें शांत तरीके से करें। पति से झगड़ा न करें। उनसे रिश्ता खराब न करें। वरना मामला सुलझने की बजाय और बिगड़ जायेगा।

कुछ बातों को हंसी में टालना बेहतर

कई बार सास आपको जान-बुझकर दुख पहुंचाने के लिए ऐसी बातें बोल देती है जो उन्हें नहीं बोलनी चाहिए। वह आपके साथ ऐसा व्यवहार करती है कि आपको तकलीफ पहुंचे। ऐसी परिस्थिति में आप उनकी चाहत को पूरी न होने दें। आप दुखी होंगी, रोएंगी तो वे सफल कहलायेंगी। इसलिए कुछ बातों को तो हंसी में उड़ा दें। बातों को घुमाकर उन्हीं पर डाल दें। किसी खास परिस्थिति या मौके पर कहे उनके डायलॉग को याद रखें और वैसी परिस्थिति आने पर आप वही लाइन हंसते-हंसते दोहराएं। इस तरह माहौल भी नहीं बिगड़ेगा और आप अपनी बात भी कर देंगी। जब आप ऐसे खुश रहेंगी और उनकी बातों को दिल से लगाकर नहीं रोयेंगी तो वे भी बोलना बंद कर देंगी।

Posted By: Ravindra Soni

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