भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। बरसात का मौसम आ गया है। सड़कों पर हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। ऐसे में कई लोग खुश हैं, तो कई परेशान हैं। इसके पीछे की वजह है कुछ लोगों द्वारा 'मानसून एटिकेट्स' का पालन न करना। जी हां, बरसात के मौसम के भी एटिकेट्स, तौर-तरीके होते हैं। इनका पालन सभी को करना चाहिए ताकि हमारे आसपास रहने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। अगर आपको पता नहीं है कि बरसात के मौसम के एटिकेट्स क्या-क्या हैं, तो इसे अंत तक जरूर पढ़ें।

गाड़ी चलाते वक्त न उड़ाएं कीचड़

बरसात के मौसम दो पहिया, चार पहिया वाहनों पर चलने वाले लोग ये भूल जाते हैं कि सड़क पर कुछ लोग पैदल भी चल रहे हैं और उनके द्वारा पानी पर तेजी से गाड़ी चलाने से पैदल चलने वालों पर कीचड़ उछल सकता है। लोगों को चाहिए कि जब भी बरसात के मौसम में गाड़ी चलाएं तो देखें कि कहीं पानी भराव वाली जगह से गुजरते वक्त आप तेजी से तो नहीं निकल रहे? और पानी के पास कोई व्यक्ति पैदल तो नहीं चल रहा, जिस पर ये पानी उछलकर गिर सकता है।

गाड़ी में लगाए मड गार्ड

यदि आपके स्कूटर के पिछले हिस्से में मड गार्ड नहीं लगा है तो इसे तुरंत लगवा लें, ताकि पीछे चलने वाली गाड़ियों पर कीचड़ न उछले। इसी बात का ध्यान तब दें, जब आप पैदल चल रहे हों। हो सके तो बारिश में स्लिपर न पहनें। इनसे कीचड़ ज्यादा उछलता है। इलकी जगह बरसाती जूते पहने ताकि आपके पैरों से किसी पर कीचड़ न उछले।

गीला रेनकोट व छाता घर-आफिस के बाहर ही रखें

किसी के घर या आफिस में जाने के बाद अपना रेनकोट या छाता उनके घर या आफिस के अंदर न ले जाएं। बाहर ही सूखने को रख दें। कई लोग रेनकोट पहने हुए ही घर के अंदर घुस जाते हैं, आफिस के अंदर ही रेनकोट कहीं भी टांग देते हैं, इससे भीतर बरसात का पानी आ जाता है, जिससे फर्श गीली हो जाती है और सामने वाले का काम बढ़ जाता है।

पैरों में कीचड़ हो तो पैर धोकर ही अंदर जाएं

अगर आपके पैर, जूते, चप्पल में कीचड़ लगा है तो सामने वाले से पानी मंगवाकर पैर घर के बाहर ही धो लें। खराब पैर लेकर या जूते पहनकर घर के अंदर प्रवेश न करें। ना ही ऐसे कीचड़ वाले जूते-चप्पल, शू रैक में रखें, क्योंकि इनसे वो भी खराब हो जाएगा।

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