भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि! अक्सर हम ऐसे फोटो या वीडियो देखते हैं, जिसमें कोई जनप्रतिनिधि किसी नेता का पैर छू रहा है या कोई फिल्म स्टार किसी बड़े के पैर छू रहा है। कई बार मामला उल्टा भी देखने को मिलता है, जब कोई उम्र में बड़ा किसी व्यक्ति के पैर इसलिए छूता है, क्योंकि वह बड़े पद पर है। ऐसे में कई तरह की बातें सुनने को मिलती है। वैसे हमें बचपन से ही सिखाया जाता रहा है कि बड़ों के पैर छुओ.. टीचर्स, गुरू के पैर छुओ… और हम बिना किसी सवाल के, संकोच के घर के बड़ों की बात मानकर पैर छूते भी हैं, लेकिन जैसे-जैसे हम बड़े होते जाते हैं, हमें पैर छूने के कई मतलब पता चलते हैं। हमें पता चलता है कि पैर छूने और छुआने के पीछे संस्कृति के साथ ही कई बार राजनीति, गलत इरादा, अहम, ऊंच-नीच, बड़ा-छोटा भेदभाव आदि भी होता है। इन सबकी वजह से पैर छूने के पीछे का असली मकसद जो होना चाहिए, वो हमसे दूर हो जाता है। पैर छूने का जो संस्‍कार है, उसके सही भाव को समझना जरूरी है। बच्‍चों को इस संस्‍कार से दूर न रखें। इससे बच्‍चों के मन में विनम्रता, बड़ों के प्रति आदर जैसे भाव विकसित होते हैं।

पैर छूने का असली मकसद क्या है

दरअसल पैर छूने का अर्थ है आशीर्वाद लेना, सामने वाले को सम्मान देना। पैर उस इंसान के छूने चाहिए, जिसके प्रति समर्पण का भाव हो। जिसके सामने जाने से अहम खत्म हो जाता हो। पुराने जमाने से यह परंपरा चली आ रही है कि जब हम किसी बड़े या विद्वान से मिलते हैं तो उसके पैर छूते हैं। यह मान-सम्मान से जोड़ कर देखा जाता है। कई बड़े यह भी कहते हैं कि पैर छूने से उस विद्वान व बड़े-बुजुर्ग के गुण, अच्छी बातें आपके अंदर आती हैं। जब हम यह चाहते हैं कि बड़ों का आशीर्वाद हमारे ऊपर बना रहे, तो हम उनके पैर छूते हैं। पैर छूने पर बड़े भी यही कहते हैं कि ‘भगवान करे, तुम्हारी सारी इच्छाएं पूरी हो, तुम खूब तरक्की करो, सुखी रहो… ’। हमें यकीन होता है कि बड़े ये सारी बातें दिल से कहते हैं, क्योंकि वे हमें प्यार करते हैं। इसलिए हम खुशी-खुशी उनके पैर छूते हैं, उनका आशीर्वाद लेते हैं।

स्‍वेच्‍छा से होना चाहिए पैर छूना

‘पैर छूना’ पूरी तरह से पैर छूने वाले व्यक्ति की इच्छा, उसकी भावना पर निर्भर करता है। वह किसको सम्मान की दृष्टि से देखता है, किसे सम्मान देना चाहता है, किसके गुण अपने अंदर लाना चाहता है, ये सब उसकी मर्जी है। इसमें आप जबरदस्ती नहीं कर सकते। लेकिन समय के साथ पैर छूने का अर्थ लोग भूलते चले गये। इसे अहम से जोड़कर देखा जाने लगा। कई लोग पैर छूने, न छूने को अपने अहम से जोड़ने लगे हैं। अगर कोई उनके पैर नहीं छूता तो वे नाराज हो जाते हैं। उन्हें लगता कि उनका बहुत बड़ा अपमान हो गया है। वे शिकायत करते हैं कि उसने फलां के पैर छूए, लेकिन मेरे नहीं छुए। भले ही सामनेवाले व्यक्ति ने अनजाने में यह किया हो, लेकिन वे इस बात को नहीं समझते। वे इसके पीछे का अर्थ निकालते हैं, जो आमतौर पर गलत ही होता है।

पैर छूना और पैरों में गिरना बराबर समझते हैं लोग

फिल्मों में ऐसा सीन आपने जरूर देखा होगा, जहां विलेन हीरो या हीरोइन की मां को कहता है कि मेरे पैरों में गिरकर माफी मांगो, तभी तुम्हारे बच्चे की जान बख्श दूंगा…। कुछ लोग पैर छूने को भी वैसा ही समझ लेते हैं। अगर कोई उनके पैर छूना भूल जाये या न छूए तो वे अड़ जाते हैं कि जब तक सामनेवाला उनके पैर नहीं छूएगा, वे उससे बात नहीं करेंगे या कोई रिश्ता नहीं रखेंगे। जब सामनेवाला घर के अन्य सदस्यों के दबाव में आकर या उनके कहने पर नाराज व्यक्ति के पैर छू लेता है, तो उस नाराज व्यक्ति को विजेता होने का अनुभव होता है। वह मन ही मन खुश होता है और सोचता है कि ‘देखा, आखिर उसे मेरे पैर छूने ही पड़े, पैरों पर गिरना ही पड़ा।’ इस तरह की घटनाएं और ऐसी मानसिकता ही इस परंपरा को खत्म करने पर मजबूर कर रही हैं।

उम्र के ऊपर रिश्ता भारी पड़ जाता है

भारतीय परिवारों में जहां दूर के चाचा, मौसी, मामा, बुआ आदि रहते हैं, वहां ऐसे रिश्ते भी बन ही जाते हैं, जहां चाचा उम्र में छोटे होते हैं और भतीजे बड़े। जहां भाभी उम्र में छोटी होती हैं और देवर बड़े। जहां जेठानी उम्र में छोटी होती है और देवरानी बड़ी। ऐसे में बहुत अजीब लगता है और असहज भी महसूस होता है, जब उम्र में कोई बड़ा व्यक्ति आपके पैर सिर्फ इसलिए छुए क्योंकि आप रिश्ते में उनसे बड़े हो। सामनेवाले को भी झुकने में अजीब लगता है, लेकिन वह कुछ कह नहीं पाता, कर नहीं पाता, क्योंकि अगर उसने पैर नहीं छुए तो कोई बुरा मान सकता है, लोग बातें बना सकते हैं, ताना मार सकते हैं। ऐसी सिचुएशन में उन छोटों को समझदारी दिखाने की जरूरत है, जो रिश्तों में बड़े हैं। उन्हें खुद यह कह देना चाहिए कि पैर छूने की जरूरत नहीं। हम रिश्ते में भले ही बड़े हैं, लेकिन आप उम्र में बड़े हैं, तो दोनों ही बस एक-दूसरे को सम्मान दें, यही काफी है।

Posted By: Ravindra Soni

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