दक्षा वैदकर. भोपाल। युवाओं की जब नई-नई नौकरी लगती है, तो वे दिल खोल कर कपड़े, जूते, परफ्यूम, घड़ियां जैसी चीजें खरीदते हैं। फिल्म देखने जाते हैं, रेस्टोरेंट में दोस्तों को पार्टी देते हैं। घर में सारी सुख-सुविधा की चीजें भर लेते हैं। ये सब वे एक-दो साल तक करें, तो ठीक है, लेकिन परेशानी तब आती है, जब ये उनका स्वभाव बन जाता है। ऐसे युवाओं की जब किसी भी वजह से नौकरी जाती है या उन्हें किसी बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे आर्थिक रूप से खुद को बहुत असहाय महसूस करते है। कई बार इतना ज्यादा कर्ज में डूब जाते हैं कि बाहर न निकल पाने की स्थिति में सुसाइड जैसा कदम तक उठा लेते हैं। इसलिए आज हम आपको ऐसे काम व निर्णय बता रहे हैं, जो आपको 30-35 की उम्र तक कर लेने चाहिए।

खुद का घर लेने की प्लानिंग करें

हम में से कई लोगों को लगता है कि हमारे पिता ने तो रिटायरमेंट के समय तक अपना खुद का घर बनाया था, तो हमें अभी से सोचने की क्या जरूरत है, लेकिन हमें समझना होगा कि जमाना बदल गया है। हम जितनी जल्दी घर लेंगे, हमारे लिए बेहतर है। खुद का मकान होना एक बेहतरीन निवेश है। फिर भले ही आप उस मकान को किराये पर चढ़ा दें और मम्मी-पापा के साथ ही रहें। लेकिन एक परमानेंट इनकम शुरू हो जायेगी, जिससे घर में मदद होगी। आप लोन लेकर घर ले सकते हैं और फिर घर का जो किराया आयेगा, वो लोन की किश्त के रूप में बैंक वालों को दे सकते हैं। एक तरह से आपका किरायेदार आपका लोन चुका रहा है और कुछ सालों बाद आपके पास आपका खुद का घर होगा। ऐसा नहीं है कि घर लेने की प्लानिंग लड़कों को ही करनी चाहिए। यह लड़कियों के लिए भी अच्छा है। वे अपनी जाब के रुपये फालतू की शॉपिंग में खर्च न करके उससे घर खरीदने के लिए जमा करें। ये भविष्य में आपके काम जरूर आएगा। आपको खुद पर गर्व होगा जब आप अपनी लिए इतनी बड़ी चीज खरीद पायेंगे।

बचत की सोचें

सैलरी हाथ में आते ही कुछ रकम तुरंत अलग से जमा करने की आदत डालें। यह आदत आगे चलकर आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगी। कुछ सालों में आप पाएंगे कि आपके पास लाख रुपये बड़ी आसानी से जमा हो गए। बेहतर होगा कि इसके लिए एक अलग बचत खाता रखें। कोशिश करें कि वो रुपये निकालने की नौबत न आए। छोटी-मोटी समस्याओं में तो उन रुपयों को न ही निकालें। ज्यादा सैलरी नहीं भी है, तो भी आप घर में ही एक गुल्लख रखें और सैलरी से 500, 1000, 2000 जितने रुपये हो सकते हैं, हर महीने उस गुल्लक में डालें और अपने स्तर पर बचत करें। यह एक बहुत अच्छी आदत है।

इंश्योरेंस पालिसी खरीदें

वैसे तो बाजार में इंश्योरेंस कंपनियों की भरमार है, लेकिन बेहतर यही होगा कि आप गुमराह न हो कर अपनी जरूरत को देखते हुए एक अच्छी इंश्योरेंस पालिसी खरीदें। इसके लिए ऑनलाइन कंटेंट सर्च करें। दो-तीन अलग-अलग एजेंटों से सलाह लें, फिर तय करें कि कौन-सी पालिसी आपके लिए बेहतर है।

किश्तों पर चीजें खरीदने से बचें

आजकल युवा हर अच्छी चीज तुरंत खरीदना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें किश्तों में चीजें खरीदने का आप्शन मिलने लगा है। किश्तों में कार, बाइक, फ्रिज, टीवी, मोबाइल सब खरीद लेते हैं। फिर जब सैलरी का आधे से ज्यादा हिस्सा किश्ते भरने में निकल जाता है, तो उन्हें गलती का अहसास होता है। इसलिए बेहतर तो यही है कि लालच में आकर किश्तों में चीजें खरीदने से बचें। ये न सोचें कि पैसे अभी एक साथ थोड़े ही देने हैं। धीरे-धीरे करके देने हैं। इस सोच के चलते ही अक्सर पर यह नहीं देखते ही सामनेवाला व्यापारी उस चीज पर ब्याज कितना लगा रहा है? आपकी यह अनदेखी आपका भारी नुकसान करा सकती है। युवाओं को सलाह है कि वे इस आदत से बचें खासकर पर्सनल लोन तो न ही लें।

तड़क-भड़क नहीं, सादगीपूर्ण तरीके से करें शादी

शादी में मनीष मल्होत्रा का लहंगा या शेरवानी हो, हैवी गोल्ड ज्वेलरी हो, शेरवानी में गोल्ड वर्क हो, वेडिंग प्लानर हो। थीम वेडिंग हो। खाने में ढेर सारी डिशेज हो। हल्दी, मेहंदी, संगीत सभी तरह के फंक्‍शन धूमधाम से हो। हर दूल्हा-दुल्हन का यही सपना होता है। कई लोग ऐसी शादी कर भी लेते हैं, लेकिन अक्सर लोग बाद में पछताते हैं कि फिजूल इतना महंगा लहंगा या शेरवानी, सूट ले लिया। दोबारा पहनने का मौका ही नहीं आता। शेरवानी भी अलमारी में कोने में पड़ी सड़ रही है। इतनी हैवी किसकी शादी में पहनकर जाएंगे? इतने सारे फंग्शन में फिजूल में खर्च किया। इतने लोगों को बुला लिया, जिन्हें सालों से देखा भी नहीं था, बातचीत भी नहीं थी। उससे तो बेहतर होता कि सिंपल शादी करते और उन रुपयों से घर या जमीन ले लेते। बिजनेस शुरू कर लेते। एफडी कर लेते।

Posted By: Ravindra Soni

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