भोपाल । Coronavirus in Madhya Pradesh (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संकेत दिया है कि मध्यप्रदेश में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि केंद्र सरकार ने परिस्थितियों को देखते हुए संकेत दिए थे, लेकिन मध्यप्रदेश में लॉकडाउन समाप्त करने का अभी फैसला नहीं हुआ है। इस संबंध में अधिकारियों एवं समाज के विभिन्न वर्गों की राय ले रहे हैं। कुछ दिन में जैसी स्थिति रहेगी, उसके अनुसार फैसला करेंगे।

सीएम ने कहा कि इंदौर और भोपाल की जो स्थिति लग रही है, उसे देखते हुए लॉकडाउन एकाएक हटाना मुश्किल लग रहा है। हमारे लिए सबसे जरूरी लोगों की जान बचाना है। कोरोना वायरस को अमेरिका की तरह हंसी-खेल में नहीं ले सकते। अमेरिका ने शुरू में इसकी गंभीरता नहीं समझी, इसलिए आज वह ज्यादा परेशानी में है। मैं भी जल्दी करने के चक्कर में कोई खतरा मोल नहीं ले सकता हूं।

मुख्यमंत्री ने ये बातें मंगलवार को 'नईदुनिया' से विशेष बातचीत में कही। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कई जगह सिर्फ तब्लीगी जमातियों के कारण कोरोना वायरस फैला। स्वास्थ्य विभाग के अनेक कर्मचारियों एवं पुलिसकर्मियों में कोरोना संक्रमण की एकमात्र वजह बिना सूचना दिए पहुंचे जमाती हैं। उन्हें ढूंढने में पुलिस को परिश्रम करना पड़ा और आज भी अनेक लोगों को ढूंढा जा रहा है। उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने में अथक परिश्रम करने वाले अनेक पुलिसकर्मी उनके कारण ही कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए।

जांच एवं इलाज में लगे अनेक स्वाथ्यकर्मी भी उनके कारण संक्रमित हुए। अब भी कुछ जमाती इधर-उधर छिपे हुए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। उनके कारण मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ गया। ऐसे शरारती तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए जनता का जीवन ही सर्वोपरि है। यदि एकदम लॉकडाउन खोला गया तो कोरोना का खतरा और ज्यादा बढ़ सकता है, तब उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा।

शिवराज का ट्वीट- छुपे हुए जमाती 24 घंटे में सामने आएं नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में गए हुए सभी नागरिकों और विदेश से आकर मस्जिदों में छुपे हुए व्यक्तियों की पहचान कर सब को प्रशासन ने क्वारंटाइन कर दिया है। इसके बाद भी अगर कोई कहीं छुपा हुआ है तो मेरा उनसे आग्रह है कि अगले 24 घंटे के भीतर वे स्वयं प्रशासन को इसकी जानकारी दें। ऐसा नहीं करने पर देश और प्रदेश की सुरक्षा संकट में डालने के आरोप में उन पर प्रशासन द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्‍होंने कहा कि अर्थव्यवस्था और बाकी चीजों को तो दोबारा खड़ा किया जा सकता है, लेकिन जिंदगी दोबारा नहीं लाई जा सकती है। जहां संक्रमण नहीं है, वहां लॉकडाउन खोलने के बारे में विशेषज्ञों से परामर्श कर रहे हैं। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सांसद निधि दो साल तक स्थगित करने का फैसला लेने के साथ जिस तरह सांसदों के वेतन में 30 फीसदी कटौती का प्रस्ताव किया है, वह स्वागत योय है। विधायक निधि निलंबित करने का फैसला तो अभी नहीं किया है, लेकिन विचार कर रहे हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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