Lockdown : भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली और अन्य बड़े शहरों से अपने-अपने घर जाने के लिए मजदूरों की भीड़ उमड़ रही है। भोपाल में बाहर से आए मजदूरों ने भी पलायन शुरू कर दिया है। जिस पेट की खातिर लोग शहर आने पर मजबूर हुए थे, अब उसी पेट को भरने के लिए वापस अपने गांव लौटने को मजबूर हैं। पहले ही पैसों की तंगी और भूख से परेशान इन लोगों को पुलिस और प्रशासन से भी कोई मदद नहीं मिल रही है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से आए कुछ युवाओं का है। ये युवा राजधानी की एक बिजली कंपनी में नौकरी करने आए थे लेकिन पैसे और पास का राशन खत्म होने के कारण अब घर जाने को मजबूर हैं और कोई साधन नहीं मिलने की वजह से पैदल ही महाराष्ट्र के अपने गांव की तरफ रुख कर लिया है।

7-8 युवाओं में से एक रतन सिंह ने बताया कि हमारे पास खाने पीने का सामान और पैसा खत्म हो गया है, घर जाना चाहते हैं इसलिए मदद मांगने मिसरोद पुलिस के पास गए लेकिन पुलिस ने जवाब दिया कि यह रास्ता सीधा महाराष्ट्र जाता है, सीधे चले जाओ हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है। मजबूरन हमें पैदल ही घर के लिए निकलना पड़ा।

बोरिया-बिस्तर साइकिल पर बांधा, 200 किमी का रास्ता तय करेंगे

भोपाल के भेल कारखाने में अप्रेंटिस करने आए दो युवा घर में खाना खत्म होने के बाद अब साइकिल से 200 किलोमीटर दूर बैतूल के अपने गांव रवाना हुए हैं। इन्होंने अपने घर का सारा सामान साइकिल पर ही बांध लिया है।

Posted By: Prashant Pandey

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