- डिजिटल पेमेंट को मिला है बढ़ावा इसलिए अब व्यापार हुआ नार्मल

भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि

8 नवंबर 2016। आज ही के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी करते हुए 500 और 1000 के नोट बंद किए थे। इस नोटबंदी की मार से आज भी व्यापारी और रियल स्टेट मार्केट ऊबर नहीं पाया है। मप्र के फील्ड बैंक ऑफिसर अजय व्यास का कहना है कि जो नोट उस समय प्रचलित थे, उससे 25 फीसदी नोट मार्केट में उपलब्ध है। वहीं बैंकों में 99 फीसदी करंसी वापस आ गई है। यह कहना है कि

हालांकि नोटों का क्रम ऊपर-नीचे या कम ज्यादा है। देश इन तीन सालों में डिजिटल पेमेंट के मामले में काफी आगे आ गया है। आज हर चाय वाले के पास भी डिजिटल पेमेंट का एप है और वह डिजिटल पेमेंट ले रहा है। उन्होंने बताया कि बैंकों में भी पर्याप्त मात्रा में कैश उपलब्ध है। बता दें कि नोटबंदी के दौरान कालेधन पर चोट की बात की गई थी, लेकिन लगभग 99 फीसदी पुराने नोट लोग बदलने में कामयाब रहे। हालांकि नोटबंदी को मंजूरी देने वाले आरबीआई बोर्ड ने उस समय कहा था कि कालाधन का बड़ा हिस्सा नगदी के तौर पर नहीं, बल्कि एसेट्स में तब्दील हो जाता है। इसमें सोना या प्रॉपर्टी शामिल हैं। इधर, न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ के सचिव अजय देवनानी ने बताया कि नोटबंदी के बाद डिजिटली हम काफी सुद्रढ़ हुए है। व्यापारियों को वर्तमान में कोई दिक्कते नहीं है। व्यापार अब सामान्य हो गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network