Lumpy Skin Disease: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में गोवंशी पशुओं में फैली लंपी स्किन डिसीज (एसएसडी) के हर दिन 300 से 400 नए मामले सामने आ रहे हैं। अब तक संक्रमित पशुओं की संख्या 13,200 तक पहुंच गई है। इनमें करीब 70 प्रतिशत स्वस्थ भी हो चुके हैंं। 200 पशुओं की मौत हुई है। भोपाल के उप संचालक (पशु चिकित्सा) डा. अजय रामटेके ने कहा कि ठंड आने पर यह बीमारी बहुत कम हो जाएगी। उधर, अच्छी बात यह है कि लंपी से बचाव के लिए प्रदेश को गोटपाक्स वैक्सीन की 14 लाख डोज गुरुवार को मिल गई हैं। पहले से तीन लाख डोज उपलब्ध थीं। इस तरह अब 17 लाख डोज उपलब्ध हैं।

बता दें कि 'नईदुनिया" ने खबर प्रकाशित कर बताया था कि प्रदेश में सिर्फ तीन लाख डोज हैं जबकि 36 लाख से ज्यादा गोवंशी पशुओं को वैक्सीन लगाई जानी है। इसके बाद पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने कहा था कि कंपनियों से और डोज मांगी जाएंगी।

बता दें, प्रदेश में एक करोड़ 80 लाख गोवंशी पशु हैं। बीमारी के प्रति पशुओं में प्रतिरोधक क्षमता लाने के लिए कम से कम 20 प्रतिशत यानी 36 लाख को वैक्सीन लगाने की जरूरत है, लेकिन इसकी कमी होने से सिर्फ साढ़े पांच लाख पशुओं को ही वैक्सीन लग पाई है। सिर्फ दो कंपनियां ही वैक्सीन बनाती हैं। सभी राज्यों में बीमारी फैली है। इस कारण वैक्सीन की मांग भी ज्यादा है।

बालाघाट में भी पहुंचा संक्रमण

लंपी बीमारी अब तक प्रदेश के 29 जिलों में फैल चुकी है। बुधवार को बालाघाट जिले में इसके मामले सामने आए हैं। तीन दिन पहले नरसिंहपुर और सीहोर में बीमारी ने दस्तक दी थी। एक से दूसरी जगह पशुओं का आवागमन होने की वजह से एक-दो दिन के अंतराल में एक नया जिला बीमारी की चपेट में आ रहा है। चार अगस्त को सबसे पहले रतलाम के पशुओं में इस बीमारी की पुष्टि हुई थी।

इनका कहना है

वर्षा के दिनों में आर्द्रता ज्यादा होने की वजह से बीमारी तेजी से फैलती है। जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी बीमारी कम होती जाएगी।

डा. आरके मेहिया, संचालक, पशु चिकित्सा

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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