भोपाल। पवई विधायक प्रहलाद लोधी को विधानसभा में प्रवेश नहीं मिलेगा। वे अब विधायक नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने उनकी सदस्यता निरस्त करके सीट रिक्त घोषित कर दी है। ऐसे में उन्हें सदन में बैठने और गतिविधियों में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है। यह बात गुरुवार को संसदीय कार्यमंंत्री डॉ.गोविंद सिंह ने कही। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के विधानसभा में लोधी को लेकर आने और इजाजत नहीं देने पर दरवाजे बंद करने की चेतावनी देने पर कहा कि प्रदेश में किसी की भी दादागिरी नहीं चलेगी। जबरदस्ती हुई तो कानून अपना काम करेगा।

विधानसभा सचिवालय ने पवई विधायक प्रहलाद लोधी को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द करते हुए सीट रिक्त घोषित कर दी है। इसकी सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भी दी जा चुकी है। उधर, हाईकोर्ट जबलपुर ने लोधी की सजा पर स्थगन दिया है। इस आधार पर उनके द्वारा विधानसभा सचिवालय, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और राज्यपाल को आवेदन देकर सदस्यता बहाल करने की मांग की है। विधानसभा सचिवालय इस मामले के वैधानिक पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। भाजपा का आरोप है कि विधानसभा अध्यक्ष जानबूझकर मामले में निर्णय नहीं कर रहे हैं।

उधर, संसदीय कार्यमंत्री का कहना है कि नियमानुसार ही कदम उठाया गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक जजपाल सिंह जज्जी के मामले में अदालत ने कोई आदेश नहीं दिया है। वो विधायक रहेंगे। कुछ लोगों की जाति को लेकर तो छानबीन समिति तक निर्णय सुना चुकी है, इसके बावजूद वे पदोन्न्ति पाते जा रहे हैं।

भार्गव का सम्मान करते हैं इसलिए जवाब नहीं दिया

सत्र की अवधि को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव द्वारा लिखे पत्र पर उन्होंने कहा कि एक पत्र का जवाब हम दे चुके हैं। दूसरे पत्र का जवाब देना उचित नहीं समझा। वे हमसे वरिष्ठ हैं और उनका सम्मान करते हैं। वैसे विधानसभा का रिकॉर्ड कोई भी देख ले तो सच्चाई पता चल जाएगा।

संसदीय कार्यमंत्री डॉ.गोविंद सिंह ने सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रक्षा समिति का सदस्य बनाए जाने पर कहा कि केंद्रीय गृह और रक्षा मंत्री की सोच है कि वे उनके अनुरूप काम करेंगे। हम उन्हें बहुत पहले से जानते हैं वे हमारे गांव की हैं और उनके पिता हमारे दोस्त रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठाकुर को माफ नहीं करने की बात पर कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में फर्क रहता है।

प्रजापति-भार्गव की होगी मुलाकात

उधर, प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता बहाली को लेकर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति से दूरभाष पर बात की। दोनों के बीच तय हुआ कि वे शुक्रवार को इस मामले को लेकर चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि भार्गव इसके पहले राज्यपाल लालजी टंडन से भी मुलाकात कर चुके हैं।

Posted By: Hemant Upadhyay