भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 17 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा सचिवालय द्वारा सत्र की अधिसूचना जारी कर दी गई है। सत्र 17 दिसंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा। सात दिन के सत्र में पांच बैठकें होंगी। इसमें शासकीय विधि विषयक और वित्तीय कार्य होंगे। पंद्रहवीं विधानसभा के इस चौथे सत्र के लिए विधायक विधानसभा सचिवालय में अशासकीय विधेयकों की सूचनाएं 20 नवम्बर तक दे सकेंगे।

अशासकीय संकल्पों की सूचनाएं 5 दिसम्बर तक विस सचिवालय द्वारा प्राप्त की जाएंगी। जबकि स्थगन प्रस्ताव, ध्यान आकर्षण तथा नियम 287 के अधीन दी जाने वाली सूचनाओं को 11 दिसम्बर तक दिया जा सकता है।

लोधी मामले में विधानसभा अध्यक्ष ले रहे विधि विशेषज्ञों से सलाह

मध्यप्रदेश विधानसभा हाईकोर्ट के स्थगन के दूसरे दिन भी भाजपा नेता प्रहलाद लोधी की विधानसभा सदस्यता की बहाली को लेकर पसोपेश में रही। वहीं, लोधी अपनी सदस्यता की बहाली के लिए विधानसभा और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे तथा आवेदन पेश कर हाईकोर्ट के आदेश के आधार पर सदस्यता बरकरार रखने का अनुरोध किया। इधर, इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति कानूनविदों से सलाह ले रहे हैं।

भोपाल की विशेष अदालत के फैसले के बाद विधानसभा की सदस्यता गंवाने वाले भाजपा नेता लोधी हाईकोर्ट के स्थगन के दूसरे दिन भी विधानसभा उनके बारे में कोई फैसला नहीं कर सकी है। विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट की सत्यापित प्रति मिलने पर उसका परीक्षण किया जाएगा। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति के भोपाल से बाहर होने से इस विषय में कोई चर्चा नहीं हुई। विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति मंडला में एक कार्यक्रम में गए हैं। सूत्र बताते हैं कि वहां उन्होंने कुछ कानूनविदों से इस मसले पर सलाह-मशविरा की है।

शाम को लोधी पहुंचे विस-सीईओ दफ्तर

हाईकोर्ट के स्थगन को लेकर शुक्रवार शाम को प्रहलाद लोधी विधानसभा और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय पहुंचे। भाजपा के प्रशासनिक कामकाज देखने वाले एसएस उप्पल व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विजेश लूनावत के साथ लोधी दोनों कार्यालयों में पहुंचे। विस के प्रमुख सचिव एपी सिंह को उन्होंने हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की प्रति के साथ आवेदन दिया कि अब उनकी सदस्यता बहाल की जाए।

इसी तरह सीईओ दफ्तर में सीईओ वी कांताराव को आवेदन दिया। एपी सिंह ने नईदुनिया को बताया कि विस अध्यक्ष के आने के बाद ही लोधी के आवेदन पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। कांताराव ने कहा कि लोधी को लेकर अदालत के स्थगन के बाद विधानसभा को कार्रवाई करना है। विस जो भी कार्रवाई करेगा, वह चुनाव आयोग को भेज दिया जाएगा।

रायसेन जिले के सिरवारा गांव में घुसा बाघ, आठ घंटे की मशक्कत के बाद पकड़ाया

Posted By: Hemant Upadhyay