भोपाल। विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव संपन्ना होने के बाद मध्यप्रदेश भाजपा में अब संगठन चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। प्रदेश इकाई को हाईकमान से चुनावी कार्यक्रम का इंतजार है। बताया जाता है पार्टी संविधान के मुताबिक चुनाव के पहले मप्र को 20 फीसदी सदस्य संख्या बढ़ाने का टारगेट पूरा करना है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को पार्टी हाईकमान ने कार्यकाल पूरा होने के पहले ही हटाकर राकेश सिंह की ताजपोशी कर दी थी। लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिली जबरदस्त सफलता को देखते हुए ऐसी संभावना है कि नए कार्यकाल के लिए राकेश सिंह को ही चुन लिया जाए।

पार्टी के सदस्यता अभियान को लेकर भाजपा के सामने इस बार दुविधा की स्थिति रहेगी। पार्टी ने पहले एक करोड़ दस लाख सदस्य बनाने का दावा किया था, लेकिन सत्यापन में उनकी संख्या आधी ही मिली। अब सभी मंडलों में चुनाव होते हैं तो पार्टी के सामने अब 20 फीसदी सदस्य बढ़ाने की चुनौती भी है। यह संख्या करीब दस लाख से अधिक होती है।

बताया जाता है कि भाजपा नव मतदाताओं को लेकर ज्यादा आशान्वित है। इसके पीछे पार्टी के पदाधिकारियों का तर्क यह है कि लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी लहर में सबसे ज्यादा युवा एवं महिला मतदाताओं ने भाजपा को पसंद किया। इसलिए इस वर्ग को पार्टी से जोड़ने के उपाय खोजे जा रहे हैं। चुनाव कार्यक्रम शुरू होते ही इसके लिए सभी जिलों में अभियान चलाने पर जोर दिया जा रहा है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि सदस्यता अभियान के बाद मंडल, जिला और संभाग स्तर पर संगठन के चुनाव होंगे। इसमें प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भी होता है। उल्लेखनीय है कि भाजपा हाईकमान ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को कार्यकाल पूरा होने के पहले ही हटाकर राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंप दी थी, अब नए कार्यकाल के लिए नए सिरे से चुनाव होगा।