Madhya Pradesh Board भोपाल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के कौशल विकास का जिक्र है, लेकिन मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (बोर्ड) इसे खत्म कर रहा है। अब मप्र के विद्यार्थियों को डेयरी, फोटोग्राफी, फैशन डिजाइनिंग, बेकरी सहित अन्य 21 व्यावसायिक पाठ्यक्रम पढ़ने को नहीं मिलेगा। इस सत्र से 11वीं और अगले सत्र से 12वीं के पाठ्यक्रमों से इसे हटा दिया जाएगा।

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल ने आदेश जारी कर दिए हैं। मंडल 9वीं से 12वीं तक के पाठ्यक्रमों में कई बदलाव कर रहा है। शैक्षणिक सत्र 2020-21 से 11वीं में 21 व्यावसायिक विषयों की परीक्षा नहीं होगी। जबकि 2021-22 से 12वीं में भी यही व्यवस्था लागू होगी।

नहीं मिल रहे शिक्षक

मंडल के अधिकारियों का कहना है कि व्यावसायिक पाठ्यक्रम के शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। इस कारण इन पाठ्यक्रमों को हटाया जा रहा है। वहीं, शिक्षाविदों का कहना है कि व्यावसायिक पाठ्यक्रम से बच्चों को स्कूली स्तर से ही जानकारी मिलती है। इससे विद्यार्थी आगे चलकर संबंधित क्षेत्र में कॅरियर बना सकते हैं।

इन पाठ्यक्रमों को हटाया

एग्रीकल्चरल बिजनेस मैनेजमेंट, पोल्ट्री फार्मिंग, ऑफिस मैनेजमेंट, डेयरी फार्मिंग, फोटोग्राफी, वेल्डिंग टेक्नोलॉजी एंड फैब्रिकेशन, हॉस्पिटल हाउस कीपिंग, लेदर टेक्नोलॉजी, टेक्स्टाइल डिजाइनिंग, वुड गुड्स मेकिंग एंड कार्विंग, एक्स-रे टेक्नीशियन, नर्सिंग एंड मिडवाइफरी, फैशन डिजाइनिंग एंड गारमेंट मेकिंग, मार्केटिंग एंड सेल्समैनशिप, को-ऑपरेटिव मैनेजमेंट, फार्म मैकेनिक्स, प्रिंटिंग बाइंडिंग, फ्रूट्स एंड वेजिटेबल प्रिजर्वेशन, बेकरी, बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन, मोपेड, स्कूटर, मोटर साइकिल रिपेयर।

10 पाठ्यक्रमों में सिर्फ नियमित विद्यार्थी पढ़ेंगे

सत्र 2020-21 से 10 व्यावसायिक पाठ्यक्रम सिर्फ नियमित विद्यार्थी पढ़ेंगे। इन विषयों में हार्टिकल्चर, बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी, गारमेंट मेकिंग, कास्ट्यूम डिजाइनिंग एंड टेलरिंग, रिपेयर ऑफ रेडियो एंड टीवी, रिपेयर ऑफ इलेक्ट्रिक डोमेस्टिक एप्लाइंसेज, बैंकिंग असिस्टेंस, स्टोर कीपिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजी, स्टेनो टाइपिंग शामिल है।

शिक्षकों की भर्ती होनी चाहिए

शिक्षाविदों का मानना है कि व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भर्ती की जानी चाहिए। अगर शिक्षक नहीं होंगे तो विद्यार्थियों की रुचि कैसे बढ़ेगी। यही कारण है कि सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या कम है।

इनका कहना है

11वीं व 12वीं से 21 व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को समाप्त किया जा रहा है, क्योंकि इन पाठ्यक्रमों में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल पाते हैं।

उमेश कुमार, सचिव, मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल

नई शिक्षा नीति में बच्चों में कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को पढ़ाने की बात की जा रही है। लेकिन 21 व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को समाप्त करने से विद्यार्थियों का कौशल विकास कैसे होगा। डीएस राय, शिक्षाविद

Posted By:

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

ipl 2020
ipl 2020