भोपाल। मध्यप्रदेश के वित्तमंत्री तरुण भनोत ने अपने बजट भाषण में कहा कि हमने सरकार बनते ही किसानों की कर्जमाफी शुरू कर दी थी। वित्तमंत्री ने कहा कि उन्नत खेती के लिए हमारी सरकार किसानों को ट्रेनिंग देगी, हमने किसानों के बिजली बिल माफ कर दिए हैं। किसानों की कर्जमाफी के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है, इसके लिए किसान सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा। अभी 30 लाख किसानों का कर्ज माफ होगा। प्रदेश में किसानों के लिए कृषक बंधु योजना लागू की जाएगी। फूड प्रोसेसिंग के लिए भी सरकार का स्पेशल फोकस है। बागवानी और प्रसंस्करण के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सरकार का फोकस बांस के उत्पादन पर रहेगा।

वित्तमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इस बार मछली पालन के लिए वर्ष 2018 से इस बार 16 प्रतिशत ज्यादा बजट का प्रावधान है। ग्वालियर में डेयरी कॉलेज और फूड प्रोसेसिंग कॉलेज खोला जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों के हाट बजार में एटीएम व्यवस्था शुरू करने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। गोशाला के लिए विशेष प्रावधान किया गया है, इसमें गोवंश को प्रतिदिन 20 रुपए का प्रावधान किया गया है।

किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ पशुपालकों को भी दिया जाएगा

मंत्री तरुण भनोत ने कहा कि सरकार का बांस उत्पादन पर फोकस है। मनरेगा के लिए 2500 करोड़ रुपए का प्रावधान है। आवास के लिए 6600 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, इसमें ग्रामीणों के आवास के लिए प्राथमिकता रहेगी। सिंचाई योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। 40 नदियों को पुनर्जीवित किया जाएगा। किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ पशुपालकों को भी दिया जाएगा। मजदूरों के लिए नया सवेरा योजना लाई जा रही है। मंत्री ने कहा योजनाओं के लिए पैसों की कमी नहीं होने दी जाएगी। कमलनाथ सरकार का फोकस वाटर हार्वेस्टिंग पर है। आवासहीनों को पट्टा दिया जाएगा।

कृषि बजट के लिए वर्ष 2019-20 में 46,559 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 8000 करोड़ रुपए का प्रावधान जय किसान फसल ऋण माफी योजना के लिए। इंदिरा किसान ज्योति योजना, कृषि पंपों तथा एक बत्ती कनेक्शन के लिए 7117 करोड़ रुपए का प्रावधान। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 2,201 करोड़ का प्रावधान। कृषक समृद्धि योजना और भावांतर योजना के लिए 2720 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

उद्यानिकी विभाग के अंतर्गत 1,116 करोड़ रुपए। पशु पालन विभाग की योजनाओं के लिए 1,204 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। गौ संवर्धन और पशुओं का संवर्धन के लिए 132 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश में सिंचाई पर‍ियोजनाओं में पूंजीगत मद में 6,877 करोड़ रुपए का प्रावधान है। जल संसाधन विभाग के अंतर्गत नहर और उससे संबंधित निर्माण कार्य के लिए 2931 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

Posted By: Prashant Pandey

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