Madhya Pradesh Budget 2021-22: भोपाल। नवदुनिया स्टेट ब्यूरो। फरवरी-मार्च 2021 में प्रस्तुत होने वर्ष 2021-22 के बजट में सरकार कर्मचारियों को दो इंक्रीमेंट (वार्षिक वेतन वृद्धि) और बकाया महंगाई भत्ता (डीए) देने की घोषणा कर सकती है। इसके लिए वित्त विभाग ने 25 फीसद तक महंगाई भत्ता करने के हिसाब से तैयार की है। दरअसल, केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी की वजह से महंगाई भत्ता व राहत में वृद्धि को स्थगित कर दिया था।

इस आधार पर शिवराज सरकार ने भी अप्रैल 2020 से दी जाने वाली पांच प्रतिशत की वृद्धि के आदेश को स्थगित कर दिया था। साथ ही सालाना वेतनवृद्धि भी नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि बजट में 25 फीसद महंगाई भत्ता और दो वार्षिक वेतन वृद्धि देने की तैयारी है। हालांकि, पेंशनर्स की महंगाई राहत कितनी बढ़ाई जाएगी, यह अभी साफ नहीं है।

प्रदेश के पौने पांच लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारी के अलावा स्थायी कर्मी, अध्यापक सहित अन्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता सरकार साल में दो बार बढ़ाती है। जुलाई 2019 में महंगाई भत्ता 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 फीसद करने निर्णय लिया गया था लेकिन इसके भुगतान के आदेश मार्च 2020 में जारी हुए। सत्ता परिवर्तन और कोरोना संक्रमण की वजह से प्रभावित हुई आर्थिक गतिविधियों के कारण सरकार ने इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी। तब से ही कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है।

केंद्र सरकार कर्मचारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार ने प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश दिए थे पर उसे स्थगित कर दिया था। साल में दो बार की वृद्धि और जनवरी 2021 की बढ़ोतरी को भी जोड़ लेें तो महंगाई भत्ता 26 प्रतिशत पहुंच जाता है। इस आधार पर वित्त विभाग ने भी तैयारी की है। हालांकि, इस बारे में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे क्योंकि कर्मचारियों और पेंशनर्स को एक प्रतिशत की वृद्धि देने में सरकार के खजाने पर लगभग 112 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आता है। वहीं, वर्ष 2020 और 21 की वार्षिक वेतनवृद्धि देने की घोषणा भी बजट में की जा सकती है।

उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों को स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें चिंता करने की जरूर नहीं है वित्तीय स्थिति बेहतर होते ही सभी लाभ दिए जाएंगे। वैसे भी सरकार ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। विभागों को बजट के बाहर से वित्तीय संसाधनों का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। साथ ही अनपुयोगी परिसंंपत्ति के सदुपयोग से राजस्व अर्जित करने की रणनीति पर भी काम चल रहा है। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग ने पोर्टल बनाकर सभी विभागों की ऐसी परिसंपत्ति को पंजीकृत करना शुरू कर दिया है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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