Madhya Pradesh Budget 2021 भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। राज्य सरकार ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई), कुटीर एवं ग्रामोद्योग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, स्कूल शिक्षा सहित विभिन्न् विभागों में दो सौ से अधिक योजनाओं का युक्तियुक्तकरण (समायोजन) कर दिया है। पीएचई की औजार एवं संयंत्र, ग्रामीण जल प्रदाय सर्वेक्षण एवं जांच पड़ताल सहित 3.36 करोड़ रुपये बजट वाली सात योजनाओं को जल जीवन मिशन में समाहित कर दिया गया है। इस बार के बजट में मिशन के लिए 5762 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।

सरकार ने कुटीर व ग्रामोद्योग विभाग की सबसे ज्यादा 21 योजनाओं का युक्तियुक्तकरण किया है। इन योजनाओं को अन्य 11 योजनाओं में समाहित कर दिया गया है। इनमें अधिकांश योजनाएं केंद्रों की स्थापना और प्रशिक्षण से संबंधित हैं। इन पर सरकार 10 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च कर रही थी।

इन्हें अब बड़ी योजनाओं (रेशम उद्योग की योजनाओं का क्रियान्वयन, एकीकृत क्लस्टर विकास कार्यक्रम योजना, रेशम उद्योग का विकास कार्य सहित अन्य) में समायोजित किया जा रहा है। इन योजनाओं पर सरकार अब 90 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च करेगी।

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग में खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों पर व्यय, व्यक्तिगत एवं नेतृत्व विकास सहित सात योजनाओं को अन्य तीन योजनाओं में मर्ज किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग में सरकारी संस्कृत विद्यालय, गायन विद्यालयों को अनुदान और शिक्षा का व्यवसायीकरण आदि योजनाएं समाहित कर दी गई हैं। अध्यात्म विभाग में धर्मार्थ और धार्मिक पूर्ति एवं सार्वजनिक संस्थाओं को अनुदान की योजना दूसरी दो योजनाओं में शामिल कर दी गई हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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