भोपाल। प्रदेश में 15 साल बाद कांग्रेस सरकार की ओर से विधानसभा में बुधवार को बजट किया जाएगा। वित्तमंत्री तरुण भनोत कल सुबह 11 बजे वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत करेंगे। इसमें 89 आदिवासी विकासखंडों के लिए स्वास्थ्य से जुड़ी नई योजना घोषित की जा सकती है। दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की पदस्थापना पर विशेष प्रोत्साहन देने, राइट टू वाटर, भोपाल व इंदौर में मेट्रोपॉलिटन कमेटी गठित करने और मेट्रो के काम में गति लाने के लिए विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।

किसानों की कर्जमाफी, युवा स्वाभिमान के नए स्वरूप, अनुसूचित जाति-जनजाति के नए छात्रावास, मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भवन सहित कार्यों को तवज्जो दी जाएगी। ऐसा कोई भी नया कर बजट में प्रस्तावित नहीं करने की रणनीति सरकार ने बनाई है जो सीधे-सीधे जनता पर असर डाले। बजट दो लाख करोड़ रुपए से अधिक रहने की संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, बजट में इस बार बहुत कुछ नया करने की गुंजाइश कम है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार ने 31 जुलाई तक के लिए लेखानुदान पेश किया था। मार्च 2020 तक के लिए वित्तीय प्रावधान किए जाने हैं। सरकार की ओर से नए करों से जुड़े कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। इसमें स्टाम्प शुल्क, आबकारी से जुड़े प्रावधान, रेत नीति, पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त कर जैसे निर्णय पहले ही कर लिए गए हैं।

जीएसटी लागू होने के बाद राज्य के पास वैसे भी नए कर अधिरोपित करने के क्षेत्र बेहद सीमित हो गए हैं। राजस्व आय बढ़ाने के लिए दीगर उपाय अपनाए जा रहे हैं। ऐसे में नया कर लगाकर सरकार कोई नकारात्मक माहौल नहीं बनने देना चाहेगी, क्योंकि कुछ ही माह बाद नगरीय निकाय और पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव होने हैें। हालांकि, बजट में मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रबंधन की झलक दिखाई देगी।

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन 300 रुपए महीना से बढ़ाकर 600 रुपए कर दी है, इसे बजट में शामिल किया जाएगा। इसी तरह कन्या विवाह में सहायता राशि 25 हजार से बढ़ाकर 51 हजार करने के लिए वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे। छिंदवाड़ा में मेडिकल सेंटर, बुंदेलखंड और छिंदवाड़ा क्षेत्र के लिए नई सिंचाई परियोजना के साथ शहरी विकास से जुड़े कामों के लिए बजट आवंटन होगा। जबलपुर के विकास से जुड़ी नई योजनाओं के प्रावधान भी किए जाएंगे। प्रशासनिक सुधार के लिए जिला सरकार, आपकी सरकार-आपके द्वार जैसे कार्यक्रमों को भी बजट भाषण का हिस्सा बनाया जा सकता है।

करों से होने वाली आय का सदुपयोग होगा

सूत्रों का कहना है कि प्रदेश को करों से मिलने वाले राजस्व के सदुपयोग के लिए शिवराज सरकार की कुछ योजनाओं के बजट पर सरकार कैंची भी चलाई जा सकती है। दीनदयाल रसोई योजना को बजट मिलना बंद हो गया है तो तीर्थदर्शन योजना का बजट छह करोड़ रुपए करना प्रस्तावित है।

कुछ ऐसी योजनाएं, जो सिर्फ कागजों में थी और उनके लिए बजट सिर्फ प्रतीक स्वरूप रखा गया था, उन्हें बंद किया जाएगा। वहीं, समान प्रकृति की योजनाओं को आपस में मिला दिया जाएगा। किसानों को विदेश प्रशिक्षण पर भेजने की योजना को बंद करने की तैयारी है। वहीं, कॉलेज के छात्रों को स्मार्ट फोन देने के वित्तीय प्रावधान कम किए जा सकते हैं।

वचन-पत्र पर फोकस

सूत्रों का कहना है कि बजट में सरकार का फोकस कांग्रेस के विधानसभा चुनाव के समय जनता के सामने रखे गए वचन-पत्र पर है। कई गैर आर्थिक वादों को सरकार पूरा भी कर चुकी है। वहीं, सामाजिक और कर्मचारी जगत से जुड़ी कुछ अन्य घोषणाएं भी पूरी हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि बजट को एक, ढाई और पांच साल की कार्ययोजना को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।

वेतन विसंगति दूर करने बन सकता है आयोग

सरकार कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर करने के लिए बजट में आयोग की घोषणा कर सकती है। कई संवर्ग ऐसे हैं, जिनके वेतन में विसंगति है जो अभी तक दूर नहीं हुई है। कांग्रेस ने वचन पत्र में इसका वादा भी किया था।

स्टार्टअप पॉलिसी नए सिरे से बनेगी

बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम को लेकर भी सुधारात्मक कदम उठाए जाने की जानकारी दी जा सकती है। स्टार्ट अप पॉलिसी के साथ भंडार क्रय नियम को नए सिरे से तय करने का एलान किया जा सकता है।