Madhya Pradesh Cabinet Expansion Live: मध्य प्रदेश में आखिर वो घड़ी आ ही गई जब शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रिमंडल का गठन कर लिया। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद से कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण मंत्रिमंडल गठन नहीं हो सका था। बहरहाल, मंगलवार को हुए शपथग्रहण में कैबिनेट के पांच मंत्रियों को राज्यपाल लालजी टंडन शपथ दिलाई। जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें शामिल रहे हैं- डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कमल पटेल, मीना सिंह गज, Tulsi Silawat और Govind Singh Rajput। तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत, ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं, जिन्होंने बीते दिनों कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा का दाम थामा और इसी कारण कमलनाथ सरकार गिर गई थी। जानिए तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत के बारे में -

किसान परिवार से जुड़े हैं Tulsi Silawat

तुलसी राम सिलावट का जन्म 05 नवंबर 1954 को मध्य प्रदेश के ग्राम पिवडाय, जिला इंदौर में हुआ था। स्व. श्री ठाकुरदीन सिलावट के पुत्र तुलसी सिलावट ने राजनीति शास्त्र से एमए किया है। उनका परिवार खेती करता है।

सिलावट वर्ष 1977-78 एवं 1978-79 में शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय इंदौर के छात्र संघ अध्यक्ष रहे। इसके बाद 1978-79 एवं 1980-81 में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के छात्रसंघ अध्यक्ष भी रहे।

सिलावट 1982 में नगर निगम इंदौर के पार्षद बने। वर्ष 1985 में आठवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए एवं संसदीय सचिव रहे। वे वर्ष 1995 में नेहरू युवा केन्द्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने। सिलावट वर्ष 1998 से 2003 में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष रहे। इसके बाद अखिल भारतीय कॉग्रेस कमेटी के सदस्य एवं प्रदेश कॉग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। दिसंबर 2007 के उप चुनाव में बारहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। वे वर्ष 2008 में तीसरी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। वर्ष 2018 के विधानसभा निर्वाचन में सिलावट साँवेर (अजा) विधानसभा से चौथी बार विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। 25 दिसंबर 2018 को मुख्यमंत्री कमल नाथ के मंत्रिमंडल में शामिल हुए थे।

2003 में विधायक बने थे Govind Singh Rajput

गोविन्द सिंह राजपूत का जन्म 1 जुलाई, 1961 को सागर में हुआ। दो पुत्र और एक पुत्री के पिता राजपूत के पिता स्‍वर्गीय श्री वीरसिंह राजपूत हैं। इनके परिवार का व्यवसाय भी कृषि है। राजपूत मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य रहे। वर्ष 2002 में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव बनाया गया। वर्ष 2003 में बारहवीं विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए और कांग्रेस विधायक दल के सचेतक और प्राक्कलन, याचिका एवं सरकारी उपक्रम समिति के सदस्य रहे। वर्ष 2008 में दूसरी बार और वर्ष 2018 में तीसरी बार सुरखी विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए। इन्हें भी कमल नाथ मंत्रिमंडल में स्थान मिला था।

Posted By: Arvind Dubey

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