भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए अब करीब दो साल का ही समय बचा है। भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश में जिस तरह से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को लेकर राजनीति हो रही है, उसके मद्देनजर कांग्रेस भी बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। यहां राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाकर प्रदेश प्रभारी बनाया जा सकता है।

सचिन पायलट पिछड़ा वर्ग का बड़ा चेहरा हैं और प्रदेश में उनका संपर्क भी है। अभी मुकुल वासनिक प्रदेश प्रभारी हैं और उनके सहयोग के लिए तीन राष्ट्रीय सचिवों को सह प्रभारी बनाया गया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाईकमान मध्य प्रदेश में एक तीर से दो निशाने लगाने की तैयारी कर रहा है। उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है कि सचिन पायलट को महासचिव बनाकर मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाकर उनका कद बढ़ा दिया जाए।

इसका फायदा यह होगा कि वे मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे की भरपाई कर देंगे और कांग्रेस के पास युवाओं को आकर्षित करने के लिए एक आकर्षक चेहरे की कमी भी दूर हो जाएगी। पायलट गुर्जर वर्ग से आते हैं। इस वर्ग के ही एक विधायक सचिन बिरला ने हाल ही में खंडवा लोकसभा उपचुनाव के दौरान कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था। वे मतदान से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।

इससे पार्टी को उपचुनाव में काफी नुकसान भी उठाना पड़ा। बड़े नेताओं का तर्क है कि पायलट को प्रभारी बनाए जाने से एक गुर्जर चेहरे की कमी को भी दूर किया जा सकता है। सिंधिया के लिए बन सकते हैं चुनौती सचिन पायलट को यदि प्रभारी बना दिया जाता है तो वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए बड़ी चुनौती बनेंगे। सिंधिया और पायलट दोनों ही कांग्रेस में समकक्ष नेता माने जाते थे। विधानसभा चुनाव 2018 के बाद दोनों ही नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे।

मध्य प्रदेश में सिंधिया सीएम नहीं बनाए गए तो वे 22 विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। वहीं, पायलट ने भी अपने समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस के खिलाफ पेशबंदी की लेकिन पार्टी नहीं छोड़ी। यही वजह है कि कांग्रेस आने वाले समय में पायलट को सिंधिया का विकल्प के रूप में पेश करना चाहती है। पार्टी नेताओं का यह भी मानना है कि कमल नाथ के साथ भी पायलट के संबंध अच्छे हैं इसलिए दोनों के तालमेल में भी दिक्कत नहीं आएगी।

इनका कहना है

वर्तमान में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल वासनिक प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हैं। इसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी जो भी निर्णय लेगी, उसे हम शिरोधार्य करेंगे। हमारी बुनियाद धर्म निरपेक्षता है, जातिवाद नहीं।

-केके मिश्रा, महासचिव (मीडिया), मध्य प्रदेश कांग्रेस

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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