भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर का बुधवार सुबह भोपाल के नर्मदा अस्पताल में निधन हो गया। पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब था। मंगलवार को उनकी हालत और भी बिगड़ गई। ब्लड प्रेशर कम होने के साथ पल्स रेट भी गिर गया था। उनके निधन के बाद भाजपा में शोक की लहर छा गई है। सुभाष नगर विश्राम घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पार्थिव देह के सामने गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया इसके पहले दोपहर 12 बजे भाजपा कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए उनकी पार्थिव देह को रखा गया। पूर्व सीएम के निधन पर आज मध्यप्रदेश में आधे दिन का अवकाश और तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

बाबूलाल गौर की मौत की खबर मिलते ही नेता, कार्यकर्ता श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घऱ पहुंचे। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री जयवर्धन सिंह के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, प्रभात झा के अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

गौर पिछले 15 दिन से नर्मदा अस्पताल में वेंटीलेटर सपोर्ट पर थे। डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि गौर की किडनी पूरी तरह काम नहीं कर रही थी। इससे पहले दिल्ली स्थित मेदांता अस्पताल में उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी। दिल्ली से गौर पिछले महीने की 27 तारीख को भोपाल लौटे थे।

बाबूलाल गौर का जन्म 2 जून 1929 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के नौगीर गांव में हुआ था। एक मजदूर नेता के तौर पर उन्होंने भोपाल में अपनी छवि बनाई और इसके बाद जनसंघ के सदस्य बनकर आगे बढ़े। अगस्त 2004 में उन्होंने उमा भारती के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला और 29 नवंबर 2005 को यह पद छोड़ा। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में वे नगरीय निकाय मंत्री रहे। 1977 से 2013 तक वे भोपाल की गोविंदपुरा सीट से विधायक रहे।

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