भोपाल (नईदुनिया स्टेट ब्यूरो)। MP News मध्य प्रदेश सरकार की माली हालत इतनी खराब है कि वह लगातार खर्चों व योजनाओं में कटौती कर रही है। कर्मचारियों व पेंशनरों को बढ़ी हुई महंगाई भत्ता व राहत नहीं दे पाने, तीर्थदर्शन योजना बंद करने के बाद अब प्रदेश के नवविवाहितों को भी वह प्रोत्साहन राशि नहीं दे पा रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना के तहत पिछले एक साल में वह 30 हजार नव विवाहित जोड़ों को योजना के तहत प्रोत्साहन राशि नहीं दे पाई है। इस वजह से मैदानी स्तर पर सरकार की किरकिरी हो रही है।

153 करोड़ मांगे, 65 करोड़ मंजूर पर वह भी नहीं मिले

राज्य के सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग ने दिसंबर 2019 में पेश किए गए पूरक बजट में योजना की देनदारी चुकाने के लिए 153 करोड़ रुपए मांगे थे। सरकार ने सिर्फ 65 करोड़ रुपए दिए। यह राशि भी दो माह में विभाग तक नहीं पहुंची। इतना ही नहीं, 15 दिन पहले कटौती राशि से 53.34 करोड़ रु. देने का वादा किया है। वह राशि भी नहीं दी जा रही है। विभाग की ओर से कोषालय में लगाए जा रहे बिल तकनीकी कारण बताकर पास नहीं किए जा रहे हैं।

अप्रैल 2019 से नहीं दी राशि

मप्र सरकार अप्रैल 2019 से नव विवाहित जोड़ों को योजना की राशि नहीं दे पा रही है। दिसंबर 2019 तक करीब 29 हजार जोड़ों को 153 करोड़ रुपए देने थे। अब जोड़ों की संख्या 30 हजार से ज्यादा हो गई है।

51 हजार रुपए करना महंगा पड़ा

दरअसल, सरकार को योजना की प्रोत्साहन राशि 28 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार रुपए करना भारी पड़ गया। कांग्रेस के वचन पत्र में यह बिंदु आते ही नवंबर 2018 से योजना के तहत विवाह करने वालों की संख्या बढ़ गई थी। वर्ष 2019 में अनुमानित 25 हजार की तुलना में 45 हजार से ज्यादा विवाह-निकाह कराए गए। सरकार ने वर्ष 2020 का वैवाहिक कैलेंडर भी जारी कर दिया। जिसके तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम शुरू भी हो गए हैं। ज्ञात हो कि शिवराज सरकार में योजना के तहत 28 हजार रुपए दिए जाते थे।

अक्षय तृतीया को लेकर चिंता

अब सरकार एवं विभाग के अफसरों की चिंता 26 अप्रैल 2020 को आ रही अक्षय तृतीया को लेकर है। इस दिन पूरे प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा शादियां होने का अनुमान है। इस हिसाब से देखें तो सरकार को 127 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि एक ही दिन के लिए देनी पड़ सकती है।

Posted By: Hemant Upadhyay

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