भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार वर्दीधारी पदों के लिए होने वाली भर्तियों में अधिकतम आयु सीमा पांच साल बढ़ाने जा रही है। यह आयु सीमा अब 33 साल होगी। इसके लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट में निर्णय लिया जा सकता है। वहीं, स्थाई कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु भी 60 की जगह 62 साल होगी। अपर मुख्य सचिव के दो पद बनाए जाएंगे। इन पर प्रमुख सचिव जेएन कंसोटिया और विनोद कुमार की पदोन्नति होगी। सरकारी कॉलेजों में कार्यरत अतिथि विद्वानों को विस्थापन के बाद फिर से काम का मौका देने के लिए नीति भी तय की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट में 28 मामलों पर विचार किया जाएगा। पुलिस, परिवहन, आबकारी, वन, जेल सहित अन्य विभागों के वर्दीधारी पदों के लिए आयु सीमा 2017 की तरह 33 साल रखी जाएगी। इसमें महिला तथा आरक्षित वर्ग को पांच साल की छूट रहेगी।

अनुदान प्राप्त कॉलेजों के शैक्षणिक स्टाफ की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 कराने से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर नीति, युवाओं को उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए जमीन देने, भोपाल के कोहेफिजा में वॉटर स्पोर्टस नोड की स्थापना के लिए रक्षा मंत्रालय के पक्ष में भूमि का आवंटन करने, श्री सत्य साई मेडिकल एवं हेल्थ केयर ट्रस्ट को बच्चों के हृदय रोग संबंधी अस्पताल खोलने के लिए नैनोद इंदौर में 10 एकड़ जमीन निशुल्क देने पर विचार किया जाएगा। बैठक में विधानसभा में लाए जाने वाले संशोधन विधेयक और संविदा नियुक्तियों के प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए जाएंगे।

एक ही कानून के दायरे में आएंगे सभी मंदिर

सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट में सभी मंदिरों का प्रबंधन एक ही कानून के दायरे में लाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। इसको लेकर सरकार विधानसभा में विधेयक लाएगी। इसका मसौदा तैयार हो चुका है। इस कानून के लागू होने के बाद मंदिरों के अलग-अलग कानून समाप्त हो जाएंगे।

Posted By: Prashant Pandey

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