मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना और मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना को स्वीकृति

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए शिवराज सरकार ने मुख्यमंत्री नारी सम्मान कोष के गठन और मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इसमें शहरी और ग्रामीण स्व-सहायता समूह की महिलाओं को बैंकों से ऋण दिलाने के साथ दो प्रतिशत ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। यह लाभ मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति, महिला सशक्तीकरण सहित अन्य योजना में दिया जाएगा।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना भी लागू की जाएगी। इसमें 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चों को प्रति माह दो हजार रुपये और बालगृह से निकलने वाले 18 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। चि-त युवाओं को 24 वर्ष की आयु तक पांच हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता मिलेगी। किसानों को ब्याज रहित अल्पावधि फसल ऋण वर्ष 2022-23 में भी मिलेगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए।

राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना में ग्रामीण और शहरी महिला स्व- सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों को लिए बैंक ऋण पर दो प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। महिला उद्यमियों को ऋण दिलाने के साथ ब्याज अनुदान की सुविधा भी मिलेगी। इसके साथ ही क्षमता विकास, उत्पाद के प्रचार-प्रसार आदि गतिविधियों के लिए ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री नारी सम्मान कोष के माध्यम से यह योजना संचालित होगी। मध्य प्रदेश महिला वित्त एवं विकास निगम के अंतर्गत परियोजना प्रकोष्ठ गठित होगा। वहीं, शहरी और ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित होने वाली परियोजना प्रबंधन इकाइयां विपणन की गतिविधियों के लिए प्रस्ताव विभाग के माध्यम से निगम को भेजेंगी। इनमें जो स्वीकृत होंगे, उन्हें दो प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

अनाथ बच्चों को दो हजार रुपये प्रतिमाह मिलेगी आर्थिक सहायता

बैठक में मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना को भी मंजूरी दी गई। इसमें ऐसे बच्चे, जिनके माता-पिता का निधन हो गया है और वे अपने रिश्तेदार या संरक्षकों के साथ जीवनयापन कर रहे हैं, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के पात्र होंगे। 18 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चों को प्रतिमाह दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इनका आयुष्मान कार्ड भी बनवाया जाएगा। वहीं, बालगृह में 17 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले बच्चों को योग्यता के आधार पर औद्योगिक संस्थान, प्रतिष्ठान या संस्थाओं में प्रशिक्षण दिलाकर उसी संस्था में रोजगार दिलाया जाएगा।

प्रशिक्षण अवधि में पांच हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह अधिकतम एक वर्ष के लिए मिलेगी। पालीटेक्निक डिप्लोमा, आइटीआइ, पैरामेडिकल पाठ्यक्रम, नर्सिंग, होटल मैनेजमेंंट, पर्यटन, प्रधानमंत्री अथवा मुख्यमंत्री कौशल विकास कार्यक्रम के निश्शुल्क प्रशिक्षण मिलेगा। प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से शासकीय या अशासकीय संस्थाओं में प्रवेश पर अध्ययन अवधि के दौरान पांच से लेकर आठ हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता देने के साथ फीस भी जमा की जाएगी।

ब्याज रहित कृषि ऋण मिलेगा

प्रदेश के किसानों को जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के माध्यम से वर्ष 2022-23 में भी ब्याज रहित कृषि ऋण मिलेगा। इसके लिए सरकार बैंकों को दस प्रतिशत के हिसाब से ब्याज अनुदान देगी। इसमें अब केंद्र सरकार का हिस्सा तीन और राज्य सरकार का सात प्रतिशत रहेगा। केंद्र सरकार ने इस वर्ष से पांच की जगह तीन प्रतिशत ब्याज सहायता देने का निर्णय लिया है। इससे दो प्रतिशत का जो अंतर आ रहा है, उसकी भरपाई राज्य सरकार बैंकों को करेगी। बैठक में सहकारी नीति पर भी विचार होना था लेकिन विभागीय मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया की अनुपस्थिति के कारण अब यह आगामी बैठक में प्रस्तुत होगी।

सात मंत्रियों ने लिया हिस्सा

बैठक में सात मंत्रियों डा.नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, कमल पटेल, तुलसीराम सिलावट, डा.मोहन यादव, भारत सिंह कुशवाहा और रामखेलवान पटेल ने हिस्सा लिया। बाकी मंत्री नगरीय निकायों के चुनाव सहित अन्य कारणों से बैठक में भाग नहीं ले पाए।

Posted By: Prashant Pandey

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