भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री कमलनाथ को उन्हीं की सरकार के मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने आदिवासी बताया है। मंत्री मरकाम ने रविवार को यह बात भोपाल में आयोजित आदिवासियों की हुंकार सभा में कही। मरकाम आदिम जाति कल्याण मंत्री हैं। वे आदिवासियों के विकास की बात कर रहे थे। तभी उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा आदिवासी बाहुल्य जिला है। यहीं से मुख्यमंत्री कमलनाथ आते हैं। इस नाते वे आदिवासी हैं और हमेशा आदिवासियों के हक की बात करते आए हैं।

मंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा का विकास हुआ है, अब प्रदेश भर के आदिवासियों को भी तरक्की मिलेगी। ये आदिवासी जल, जंगल, जमीन बचाने व वन भूमि पर पट्टे की मांग को लेकर राजधानी के भेल दशहरा मैदान में जुटे थे। सभा को केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, गृहमंत्री बाला बच्चन, पूर्व केंद्रीय मंत्री व नवनिर्वाचित विधायक कांतिलाल भूरिया, विधायक भूपेंद्र भरावी, नारायण सिंह, डॉ. अशोक मर्सकोले, योगेंद्र सिंह, नारायण सिंह पट्टा व नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने भी संबोधित किया और आदिवासियों के हितों को लेकर बातें कहीं है।

मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने खुद को नशे से दूर बताया और कहा कि वे नशा करते तो आजह मंत्री नहीं होते। किसी के घर काम या ठेकेदारी कर रहे होते। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों को सलाह दी कि नशे से दूर रहकर एकजुट हो और विकास की तरफ बढ़ें।

जल, जंगल जमीन, जीवन बचाओ साझा मंच के गुलजार सिंह मरकाम ने कहा कि आदिवासी समाज को उनके जल, जंगल, जमीन से बेदखल न किया जाए। बता दें कि प्रदेश के 3.50 लाख आदिवासियों को वन भूमि पर पट्टा देना प्रस्तावित है, इस पर फिलहाल रोक लगी है। इसको लेकर 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का एक फैसला भी आने वाला है।

सभा में वक्ताओं ने सरकार को चेताया है कि प्रदेश सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में आदिवासियों का पक्ष मजबूती से रखा जाए, ताकि उनको अधिकार मिल सके। सभा में यह भी बात हुई कि यदि आदिवासियों के साथ अन्याय हुआ तो बर्दाश्त नहीं करेंगे। सभा में झाबुआ, खरगोन, डिंडोरी, सतना समेत 38 जिलों के आदिवासी आए थे। ये आदिवासी अपने अधिकारों को लेकर 2 अक्टूबर से प्रदेश भर में हुंकार रैली निकाल रहे हैं।

Posted By: Hemant Upadhyay