भोपाल। भारतीय जनता पार्टी संगठन चुनाव से लेकर नगरीय निकाय चुनाव में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा संख्या में आगे लाना चाह रही है। पार्टी की रणनीति इन चुनावों में 30 से 45 साल के नए चेहरों को आगे लाकर अगले दो दशक का नेतृत्व तैयार करना है।

यही वजह है कि मंडल अध्यक्षों का चुनाव लड़ने के लिए आयु सीमा 25 से 35 वर्ष निर्धारित कर दी गई है। नगरीय निकाय के चुनाव में भी पार्षद से लेकर सभी पदों के लिए पार्टी युवाओं को टिकट देने की रणनीति बना रही है।

भाजपा में नए व युवा नेतृत्व को सामने लाने की मुहिम संगठन चुनावों से शुरू हो जाएगी। जो आगे आने वाले नगरीय निकाय चुनाव और अन्य स्थानीय चुनाव में जारी रहेगी। पार्टी कोशिश करेगी कि संगठन के पदाधिकारी साठ साल से ज्यादा उम्र के न हों। इसलिए मंडल स्तर पर अधिकतम 35 व जिला स्तर पर 40 से 50 साल की अधिकतम आयु को प्राथमिकता दी जाएगी।

वहीं पार्षद या अन्य पद के लिए भी 40-45 साल से कम आयु के चेहरों को ज्यादा से ज्यादा तादाद में टिकट देने की तैयारी की गई है। इसके पहले भाजपा ने लोकसभा व विधानसभा चुनावों में 75 साल या उससे ज्यादा उम्र के नेताओं को चुनाव न लड़वाने पर प्रभावी तौर पर अमल किया था।

अगले दो दशक की तैयारी

भाजपा का वर्तमान नेतृत्व बूथ, मंडल से लेकर प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम दो दशकों तक काम करने वाली नई टीम को उभारना चाहता है। जो भविष्य में वरिष्ठता के साथ जिला, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर काम कर सकें। पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि युवा मोर्चा 40 साल तक की उम्र तक के नेताओं के लिए काम करता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इस आयु वर्ग में आने वाले नेता मुख्य संगठन में नहीं रह सकते।

सभी वर्गों को साधने की तैयारी

पार्टी के एक प्रमुख नेता ने कहा है कि संगठन चुनावों में आम तौर पर सर्वसम्मति से चुनाव होते हैं। मतदान की नौबत कम ही आती है। ऐसे में बूथ समितियों व बूथ अध्यक्ष पद पर को युवा व ऊर्जावान लोगों को सामने लाया जाएगा।

नेतृत्व कोशिश कर रहा है

भविष्य में मजबूत व ऊर्जावान संगठन बनाए रखने के लिए भाजपा नेतृत्व लगातार कोशिश कर रहा है। इसलिए परिस्थिति के अनुसार और कार्यकर्ताओं की भावनाओं के आधार पर मोदीजी की न्यू इंडिया की कल्पना को सिद्ध करने भाजपा अपना संगठन का ढांचा नीचे से ऊपर तक बना रही है, जो कि समाज की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा।

- रजनीश अग्रवाल, प्रवक्ता, भाजपा मप्र