Madhya Pradesh News: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश में 12 लाख सांडों का बधियाकरण अभियान भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की आपत्ति के बाद स्थगित कर दिया गया है। पशुपालन विभाग ने 23 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान को स्थगित करने के आदेश सभी उप संचालकों को दिए हैं। कांग्रेस ने भी इस अभियान को लेकर आपत्ति उठाई थी और कहा था कि गोवंश की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने अभियान को स्थगित करने की पुष्टि की है।

पशुपालन विभाग ने अनुपयोगी सांडों के बधियाकरण का अभियान चलाने का निर्णय लिया था। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोडमैप में अर्थव्यवस्था एवं रोजगार विषय में पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालकों की आय में वृद्धि करने और निराश्रित गोवंश की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए मिश्ान मोड में अनुत्पादक सांडों का बधियाकरण करना, के लक्ष्य की पूर्ति के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में कार्यक्रम स्वीकृत किया गया था।

इस कार्यक्रम के तहत 12 लाख सांडों का बधियाकरण करने का लक्ष्य रखा गया था। सर्वे के आधार पर इन्हें चि-त किया गया था। प्रदेश में सांडों के बधियाकरण का कार्यक्रम वर्ष 1998-99 से लगातार चलता आ रहा है। वर्ष 2020-21 में आठ लाख 26 हजार सांडों का बधियाकरण किया गया था लेकिन इस बार जब कलेक्टरों को बधियाकरण अभियान में सहयोग करने के लिए पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने पत्र लिखा तो इस पर विरोध प्रारंभ हो गया।

भोपाल संसदीय क्षेत्र से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने इसका विरोध करते हुए कहा कि शिवराज सरकार ने गोवंश पर काफी काम किया है। कांग्रेस की सरकार के समय से इस तरह के कार्यक्रम चले आ रहे हैं। इसे संज्ञान में नहीं लिया या फिर कहीं कोई चूक हुई है, इस पर मैंने संज्ञान लिया है। मैंने न सिर्फ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात की बल्कि विभाग के अपर मुख्य सचिव से चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बरसों से चला आ रहा है पर हमने कहां साफ कहा कि हम गोवंश का संरक्षण करेंगे।

सांसद के विरोध दर्ज कराने के बाद विभाग को निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम को तत्काल स्थगित किया जाए। इसके बाद संचालक पशुपालन डॉ.आरके मेहिया ने सभी उप संचालकों को पत्र लिखकर निर्देश दिए कि आगामी आदेश तक बधियाकरण अभियान को स्थगित कर दिया गया है। बधियाकरण अभियान का स्थगित करने के आदेश पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि सरकार में निर्णय कौन ले रहा है, यह समझ में नहीं आ रहा है। कुछ दिन पहले एक आदेश जारी होता है और कुछ दिन बाद उसे निरस्त कर दिया जाता है।

Posted By: Ravindra Soni

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