Madhya Pradesh News: भोपाल। (राज्य ब्यूरो)। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल के मिंटो हाल में 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' अंतर्गत प्रदेश के 77 लाख किसान परिवारों को 1540 रुपये करोड़ सिंगल क्लिक द्वारा वितरित किए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्‍ज्‍वलन और कन्या पूजन के साथ हुई। सीएम ने यहां किसानों से संवाद भी किया। इसमें वे जिले शामिल नहीं हुए, जहां उपचुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू है।

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश की भलाई के लिए जो काम करता है, ऐसे किसानों को मैं हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूं। भगवान के बाद मेरे लिए श्रद्धा के केंद्र किसान हैं। ये देश आपका ऋणी है। आप भाग्य विधाता हो। कांग्रेस ने शिकायत की। मैं कहता हूं देने वाला दे रहा है लेने वाला ले रहा है तुम्हें क्यों तकलीफ है। ये रनिंग योजना है। आठ महीने बाजार बंद रहे। खजाना खाली फिर भी पैसा दे रहे हैं। 2003 से पहले दो हजार करोड़ टन उत्पादन हो रहा था, जो अब बढ़कर छह हजार करोड़ हो गई। ये सिंचाई से संभव हुआ। हमने सिंचाई योजनाएं बनाई। निमाड़-मालवा में पठार पर नर्मदा का पानी पहुंचाना था। एक समय कांग्रेस के मुख्यमंत्री ने मना कर दिया था। हमने तकनीकी लोगों से बात की और सफल हुए। बरगी का पानी टनल के जरिए सतना पहुंचाने का काम कर रहे हैं। कई योजना पर काम कर रहे हे। जहां भी पानी होगा, वहां रोकूंगा और किसानों को पानी दूंगा। 65 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य है। कोयला महंगा हो रहा है बिजली खपत बढ़ रही है। मैंने तय किया किसानों को सस्ती बिजली दूंगा। इसके लिए सरकार को 21 हजार करोड़ रुपये देना पड़ता है। कोयला संकट पूरी दुनिया में आ रहा है। फिर भी मैं भरोसा दिला रहा हूं प्रदेश में बिजली संकट नहीं आने दूंगा। सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराऊंगा।

मुख्‍यमंत्री ने आगे कहा कि इथेनॉल बनाने के लिए हम योजना ला रहे हैं। अनाज से इथेनॉल बनाएंगे। ताकि पेट्रोल की जरुरत पूरी कर सकें। अपने यहां बंपर पैदावार हो रही है। कांग्रेस राहत राशि और फसल बीमा योजना की राशि नहीं दे पाई थी। हम 3300 करोड़ का फसल बीमा जल्द करेंगे। फसलों को नुकसान हुआ है। उसकी भरपाई मामा करेगा। नई फसलों पर भी काम करें। इसमें हम सहयोग करेंगे। सिर्फ गेहूं-धान बोने से भी एक समय बाद समस्या खड़ी होगी। फसलों के एक्सपोर्ट पर भी काम कर रहे हैं। मेरी किसान भाइयों से अपील है कि एक्सपोर्ट क्वालिटी पैदा करें। खाद को लेकर चिंता न करें। कोरोना के जैसी मानीटरिंग कर रहे हैं। ब्लेक किया तो जेल भेज देंगे। एक नंबर से अभियान चलाकर अविवादित खातों का निराकरण करेंगे। शुद्धिकरण भी करेंगे। भूमि का स्वामित्व दिया जा रहा है। क ई कल्याणकारी योजनाएं हमारे दिमाग में है। गांवों का सर्वांगीण विकास करेंगे।

बता दें कि प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना लागू की गई है। केंद्र सरकार की योजना में किसानों को तीन किस्तों में सालाना छह हजार रुपये मिलते हैं। वहीं, प्रदेश सरकार की योजना में दो किस्त में चार हजार रुपये दिए जाते हैं। 77 लाख किसान योजना के दायरे में आते हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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