Madhya Pradesh News: भोपाल (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश के नगरीय निकायों में अब संपत्ति कर भुगतान में आधार नंबर देना होगा। इसके अलावा संपत्ति पंजीकरण, नल कनेक्शन पंजीकरण, ट्रेडिंग लाइसेंस आवेदन, विवाह प्रमाण- पत्र पंजीकरण, फायर एनओसी प्रमाण-पत्र आवेदन तथा नो ड्यूज सर्टिफिकेट की आनलाइन सेवाओं में भी आधार नंबर दर्ज करना होगा।

यदि कोई व्यक्ति अपनी संपत्ति को पोर्टल पर पंजीकृत कराना चाहता है और उसके पास आधार नंबर नहीं है तो वह पैन नंबर या पासपोर्ट, वोटर आइडी या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दर्ज करा सकेगा। लेकिन, बाद में आधार नंबर दर्ज करना ही होगा। पोर्टल पर दर्ज किए गए आधार नंबर का सत्यापन भी होगा। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने सुशासन समाज कल्याण, नवाचार, ज्ञान नियम 2022 के तहत अधिसूचना जारी कर दी है।

आधार आधारित तैयार किया जा रहा डेटा

दरअसल, मध्य प्रदेश में आधार आधारित डेटा तैयार किया जा रहा है। जनता से सीधे जुड़े विभागों ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है। प्रापर्टी की रजिस्ट्री में आधार की अनिवार्यता के बाद अब नगरीय निकायों में भी पहचान के दस्तावेज के रूप में आधार दर्ज कराया जा रहा है। इसके अलावा आधार में फोटो के साथ हस्ताक्षर भी अपडेट किया जा रहा है, जिससे व्यक्ति की पहचान और बेहतर तरीके से की जा सकेगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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