शिवराज सरकार ने केंद्र से आग्रह करके खुलवाया था पोर्टल, 2.17 लाख किसानों को मिली मंजूरी

करीब 86 हजार मामलों में कलेक्टरों को गलती का पता लगाकर बीमा दिलाने के दिए निर्देश

वैभव श्रीधर, भोपाल। प्रदेश में किसानों को खरीफ फसल 2019 के बीमा के करोड़ों रुपये जल्दी ही मिलेंगे। किसान इस राशि की उम्मीद खो चुके थे, लेकिन शिवराज सरकार की मशक्कत से केंद्र सरकार ने राहत दी। अब यह राशि बीमा कंपनियां किसानों को देंगी। खरीफ 2019 के तीन लाख दो हजार 161 किसानों को फसल बीमा नहीं मिला था। बीमा नहीं मिलने की वजह केंद्र सरकार के पोर्टल पर इनकी जानकारी दर्ज नहीं होना था।

बीमा कंपनियों को इनका प्रीमियम भी नहीं मिला था। जबकि, किसानों से यह राशि ले ली गई थी। राज्य सरकार के आग्रह पर पोर्टल को किसानों की जानकारी दर्ज करने के लिए एक से 10 मार्च के बीच खोला गया था। इसमें तीन लाख दो हजार 161 आवेदन आए, जिनमें से दो लाख 15 हजार 627 किसानों को बीमा मिलना तय हो गया है।

वहीं, शेष 86 हजार प्रकरण के लिए जिम्मेदारी तय की जा रही है। कृषि विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को फसल बीमा यदि बैंकों की गड़बड़ी के कारण नहीं मिला है तो उन्हीं बैंकों से किसानों कोे राशि दिलाई जाए। बताया जा रहा है कि किसानों को करीब तीन सौ करोड़ रुपये का फसल बीमा जल्द ही मिलेगा।

वर्ष 2019 में खरीफ की फसल अतिवृष्टि की वजह से प्रभावित हुई थी। किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए सरकार ने बीमा भुगतान कराने की जब प्रक्रिया प्रारंभ की तो किसानों की जानकारी पोर्टल में दर्ज न होने की बात सामने आई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बैंकों ने किसानों से फसल बीमा का प्रीमियम काट तो लिया था पर आवश्यक जानकारी के साथ बीमा कंपनियों को समय पर नहीं भेजा। इस वजह से किसानों को बीमा नहीं मिल पा रहा था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले में केंद्र सरकार से लगातार संवाद किया और पोर्टल कुछ समय के लिए खोलने पर सहमति बन गई।

अपर मुख्य सचिव कृषि अजीत केसरी ने बताया कि पोर्टल एक से दस मार्च 2021 में खोला गया था। इसमें बैंकों को आवेदन किसान की पूरी जानकारी के साथ दर्ज करने थे। अधिकांश प्रकरण मंजूर हो गए पर जिन मामलों में खसरा नंबर का दोहराव, आधार नंबर न होना, एक ही जानकारी बार-बार देना और कोड गलत भरना जैसे कारण थे, वे निरस्त हो गए।

किसानों से जुड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए तय किया है कि जिस भी स्तर से गलती हुई है, उसे ही बीमा का भुगतान किसानों को करना होगा। इसके लिए जिन किसानों ने प्रीमियम जमा किया है, उनकी सूची कलेक्टर को भेजी गई है।

साथ ही निर्देश दिए हैं कि रिकॉर्ड से मिलान कराकर यह दिखवाया जाए कि नुकसान के आकलन में यदि संबंधित किसान का क्षेत्र आया है तो फिर उसे बीमा क्यों नहीं मिला। प्रकरण को भेजने में बैंक स्तर सेे गलती हुई है तो बीमा राशि का भुगतान बैंक को ही करना होगा। कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है कि सरकार किसानों की है और उनके हित के लिए प्रयत्नशील रहती है। किसानों को उनका हक जल्द मिलेगा।

पांच हजार 562 करोड़ रुपये को हो चुका है भुगतान

प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2019 का लाभ 24 लाख 56 हजार 922 किसानों को मिला है। इन्हें पांच हजार 562 करोड़ का बीमा भुगतान हुआ है।

इतना हो चुका है भुगतान

कंपनी- किसान- राशि

इफको टोकियो-7,36,115-1,008.17

एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी-8,25,052-1,759.79

बजाज एलाइंस-2,92,457-667.53

रिलायंस-3,72,418-991.71

न्यू इंडिया इंश्योरेेंस-1,44,781-1,058.86

ओरिएंटल-86,099-76.28

(राशि करोड़ रुपये में)

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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